कानूनी प्रक्रिया से टूटा भरोसा, अब माता के दर पर न्याय की आस


दो करोड़ की ठगी से टूट गया व्यापारी, कर्ज़ के बोझ से पिता को पड़ा हार्ट अटैक

रायगढ़। कानून और व्यवस्था पर भरोसा तब डगमगा जाता है, जब पीड़ित को हर दरवाज़े से निराशा ही हाथ लगे। ऐसा ही एक हृदयविदारक मामला रायगढ़ से सामने आया है, जहाँ समाज के भीतर ही भरोसे की डोर टूटने से एक व्यापारी पूरी तरह टूट चुका है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मनोज कुमार देवांगन, पिता सुरेन्द्र  प्रसाद देवांगन, निवासी रायगढ़, कोष का एक जाना-माना व्यापारी है। वह साड़ियों का निर्माण कर उन्हें प्रदेश व प्रदेश के बाहर सप्लाई करता था। बाहर के व्यापारियों से भुगतान समय पर मिल गया, लेकिन दुर्भाग्यवश अपने ही समाज के कुछ व्यापारियों ने लगभग दो करोड़ रुपये का माल लेने के बाद भुगतान करने से इनकार कर दिया

पीड़ित मनोज देवांगन ने बताया कि शुरुआत में वे लोग टालमटोल करते रहे—“देखते हैं”, “समय लगेगा”—लेकिन अब खुले तौर पर कह रहे हैं कि “पैसा नहीं देंगे”। इधर लेनदार लगातार दबाव बना रहे हैं। कर्ज के भारी बोझ और मानसिक तनाव के चलते कुछ महीने पहले पीड़ित के पिता सुरेन्द्र प्रसाद देवांगन को हार्ट अटैक तक आ चुका है

मनोज देवांगन ने बताया कि उन्होंने कई बार समाज के व्यापारियों से हाथ जोड़कर विनती की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया और कोर्ट से नोटिस भेजा, लेकिन आरोप है कि संबंधित व्यापारी नोटिस तक लेने को तैयार नहीं, जिससे मामला कानूनी प्रक्रिया में उलझकर रह गया।

मनोज कुमार देवांगन ने क्या कहा सुने

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