
छत्तीसगढ़ की मस्जिदों, मदरसों, कब्रिस्तानों और इमामबाड़ों में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया जाएगा। इसे लेकर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने प्रदेश के सभी मुतवल्लियों को निर्देश जारी किए हैं।
निर्देश में कहा गया है कि 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वक्फ बोर्ड के अधीन सभी संपत्तियों में राष्ट्रीय पर्व का आयोजन किया जाए। इसके साथ ही डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम समुदाय से राष्ट्रीय पर्व की गरिमा बनाए रखने और भाईचारे के साथ गणतंत्र दिवस मनाने की अपील की है।
वक्फ बोर्ड के अनुसार, प्रदेश की कई मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों में अब तक ध्वजारोहण नहीं होता रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी को राष्ट्रीय पर्व में शामिल करने के उद्देश्य से ये निर्देश जारी किए गए हैं।
वक्फ बोर्ड देगा अनुदान
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि मौलानाओं की मांग पर बोर्ड इस बार राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन करने पर आर्थिक मदद करेगा। वक्फ बोर्ड के अधीन जो भी संस्था आयोजनों के लिए फंड मांगने का आवेदन करेगी उसे 5–7 हजार रुपए आर्थिक मदद की जाएगी।
तिरंगा हमारा मान-सम्मान और अभिमान: डॉ. राज
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने दैनिक भास्कर से कहा कि तिरंगा हमारा मान-सम्मान और अभिमान है। इस वजह से हर मस्जिद, मदरसा और दरगाह में ध्वजारोहण का निर्देश दिया है। ये वतन परस्ती और देश से प्यार बताने का सबूत है।
देशभक्ति पर संदेह खड़ा किया जा रहा है : शहर काजी
रायपुर के शहर काजी अशरफ मियां ने वक्फ बोर्ड के आदेश और उससे जुड़े बयानों पर नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज की देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत है। मस्जिदों और मदरसों में पहले भी तिरंगा फहराया जाता रहा है और आगे भी फहराया जाएगा, लेकिन आदेश जारी करने की शैली स्वीकार्य नहीं है।
शहर काजी ने कहा कि तिरंगे का सम्मान स्वाभाविक भावना से होना चाहिए, न कि आदेश से। यदि इस तरह के आदेश देने हैं तो वे सभी धर्मस्थलों के लिए समान रूप से होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड का कार्य संपत्तियों का प्रबंधन और समाज कल्याण तक सीमित है, जबकि अध्यक्ष के कई बयान उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
गणतंत्र दिवस पर सेमिनार के लिए अनुदान
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि मौलानाओं की मांग पर इस बार राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर संगोष्ठियों के आयोजन के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। वक्फ बोर्ड के अधीन जो भी संस्था आयोजन के लिए आवेदन करेगी, उसे 5 से 7 हजार रुपए तक की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।




