खरसिया में औद्योगिक त्रासदी : श्री मंगल कार्बन प्लांट हादसे में चार लोगों की मौत, एक ही परिवार के तीन सदस्य मौत के मुंह में समाए

मुआवजे पर सहमति के बाद खुला एनएच-49, प्लांट सील और प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज


भीषण औद्योगिक हादसे में झुलसे चार लोगों ने तोड़ा दम, इलाके में मातम पसरा

खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर स्थित श्री मंगल कार्बन प्लांट में 5 फरवरी को हुए भयानक हादसे में झुलसे साहेब लाल खड़िया ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे मृतकों की संख्या चार हो गई है। हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे और शोक में डाल दिया है।


एक ही परिवार पर टूटा ऐसा दुख जो किसी ने नहीं सोचा था, पिता, पुत्र और मासूम बच्ची की मौत

सबसे दर्दनाक यह है कि मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं। पिता, बेटा और नौ माह की मासूम पोती की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। बानीपाथर गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन अभी भी सदमे में हैं।


गंभीर रूप से घायल तीन लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं

हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि घायलों की स्थिति नाजुक है और उनकी जान भी खतरे में है।


आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग 49 पर किया घंटों तक चक्का जाम

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मृतकों के शव राष्ट्रीय राजमार्ग 49 पर रखकर चक्का जाम कर दिया। घंटों तक यातायात ठप रहा। प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजा, निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।


विधायक उमेश पटेल ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से की लंबी बातचीत और शांत कराया माहौल

खरसिया विधायक एवं पूर्व मंत्री उमेश पटेल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को काबू में किया। प्रशासन, उद्योग प्रबंधन और परिजनों के बीच लंबी चर्चा के बाद सहमति बनी।


तीन मृतकों के परिजनों को मुआवजा और बच्चों की पढ़ाई व शादी का खर्च उठाने का आश्वासन

सहमति के अनुसार तीन मृतकों के परिजनों को 12-12 लाख रुपये मुआवजा, तत्काल 5 लाख रुपये का चेक और बच्चों की पढ़ाई व बेटियों की शादी का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद चक्का जाम समाप्त हुआ और एनएच-49 पर यातायात बहाल किया गया।


पुलिस ने उद्योग प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर प्लांट को सील कर दिया, जांच शुरू

पुलिस ने उद्योग प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है। प्रारंभिक जांच के बाद प्लांट को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।


सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल

हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या नियमित निरीक्षण हो रहा था, क्या श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे। चार जिंदगियों की कीमत पर उठ रहे ये सवाल अब न्याय प्रक्रिया में जवाब मांगेंगे।


एक परिवार की तीन पीढ़ियां उजड़ चुकी हैं, अब जवाबदेही और कार्रवाई पर टिकी हैं सभी निगाहें

खरसिया का यह हादसा सिर्फ औद्योगिक दुर्घटना नहीं है। यह प्रशासन और उद्योग प्रबंधन की जवाबदेही की कसौटी बन गया है। एक परिवार की तीन पीढ़ियां खत्म हो चुकी हैं। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें यह देखने पर टिकी हैं कि क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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