
रायगढ़ | रायगढ़ के पारंपरिक बाजारों को आधुनिक और सुविधाजनक ‘स्मार्ट बाजार’ में तब्दील करने की दिशा में एक बड़ी प्रगति हुई है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की पहल पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए जमीनी स्तर पर सुधार कार्य शुरू करने की तैयारी कर ली है। आज इसी सिलसिले में नगर निगम कमिश्नर और कैट की टीम ने संयुक्त रूप से शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
ऑनलाइन बाजार की चुनौतियों के बीच स्थानीय व्यापार को संबल:
पिछले दिनों कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं भारत सरकार के व्यापारिक कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी ने जिलाधीश मयंक चतुर्वेदी से मुलाकात कर शहर के पुराने बाजारों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए बताया था कि जर्जर सड़कें, लटकते बिजली के तार और पार्किंग के अभाव के कारण ग्राहक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की ओर रुख कर रहे हैं। इस स्थिति को बदलने और ‘लोकल फॉर वोकल’ को चरितार्थ करने के लिए बाजारों का बुनियादी ढांचा सुधारना अनिवार्य है।
निगम कमिश्नर ने किया निरीक्षण, पार्किंग के लिए बनेगा मास्टर प्लान:
कलेक्टर के निर्देशानुसार आज निगम कमिश्नर ने कैट के सदस्यों के साथ गौरी शंकर मंदिर रोड, न्यू मार्केट और सुभाष चौक सहित अन्य महत्वपूर्ण चौराहों का जायजा लिया।
• प्रमुख समस्याएं: निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों की कमी, पेयजल की अनुपलब्धता और अनियंत्रित पार्किंग जैसी गंभीर समस्याएं उभर कर सामने आईं।
• समाधान की राह: व्यापारियों ने सुझाव दिया कि शहर की पुरानी पानी टंकी की खाली जगह का उपयोग यदि पार्किंग के लिए किया जाए, तो शहर को जाम से बड़ी राहत मिल सकती है। निगम कमिश्नर ने इन सुझावों पर सहमति जताते हुए जल्द कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है।
व्यापारिक संगठनों का एकजुट प्रयास:
अमर पारवानी के नेतृत्व में चली इस मुहिम को ‘रायगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स’ का भी भरपूर समर्थन मिला है। चैंबर की टीम के साथ हुई बैठक में यह तय किया गया कि रायगढ़ को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के लिए व्यापारियों का सहयोग और प्रशासनिक इच्छाशक्ति मिलकर काम करेंगे।
इन प्रमुख बिंदुओं पर होगा काम:
• बुनियादी ढांचा: पक्की सड़कें, ड्रेनेज और भूमिगत बिजली वायरिंग।
• सुरक्षा: सीसीटीवी कैमरे, हाईमास्क लाइट्स और सुगम फायर ब्रिगेड मार्ग।
• सुविधाएं: महिला-पुरुष शौचालय, नियमित सफाई और व्यवस्थित फुटकर बाजार।
• लॉजिस्टिक्स: शहर के बाहर ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना ताकि मुख्य सड़कों पर दबाव कम हो।
निरीक्षण दल में ये रहे शामिल:
आज के निरीक्षण के दौरान कैट के सदस्य रामनिवास मोड़ा, पवन बसंतानी, संतोष अग्रवाल, किशोर तलरेजा, महेश जेठानी, मनीष उदासी, सुनील अग्रवाल, संजय रातेरिया, रवि सूखेजा, कमलेश मोटवानी, प्रमोद अग्रवाल, सत्यराम साहू, हितेश बत्ता, सुरेश रोड़ा, भारत बलेचा, त्रिलोक आहूजा और अभिषेक गुप्ता उपस्थित थे।
प्रशासन की इस त्वरित सक्रियता से रायगढ़ के व्यापारियों में नई उम्मीद जगी है। उम्मीद है कि फरवरी माह के अंत तक इन विकास कार्यों की जमीनी शुरुआत हो जाएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।








