खबर: पत्रकारों की आड़ में वसूली का खेल! सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 96 पंचायतों के सरपंचों ने खोला मोर्चा

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के बरमकेला ब्लॉक में पत्रकारों द्वारा सरपंचों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अवैध वसूली करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरपंच संघ के अध्यक्ष मोहन पटेल के नेतृत्व में दर्जनों सरपंचों ने पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ब्लैकमेलिंग का आरोप: “पैसे दो वरना खबर छाप देंगे” :*शिकायत पत्र के अनुसार, बरमकेला ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों (करपी, सहजपाली, बुदबुदा, देवगांव, गोबरसिंहा आदि) में कुछ व्यक्ति स्वयं को पत्रकार बताकर सरपंचों पर दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि:

दिनेश जायसवाल नामक व्यक्ति सरपंचों से अवैध पैसों की मांग करता है और मना करने पर “न्यूज़ छापा” के नाम पर उनकी छवि धूमिल करने की धमकी देता है।
ग्राम पंचायत बुदबुदा की महिला सरपंच श्रीमती लक्ष्मी पटेल को कार्यस्थल पर जाकर परेशान किया जा रहा है।
संतोष चौहान और सुकराम खुंटे (H-24 न्यूज़ चैनल) पर आरोप है कि वे महिला सरपंचों को देर रात फोन करके मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।
कोर्ट के फैसले के बाद भी प्रताड़ना जारी
शिकायत में अजय साहू (सच का खुलासा) का भी जिक्र है, जिसने ग्राम पंचायत सहजपाली की महिला सरपंच के पति से रुपयों की मांग की थी।

सरपंचों का कहना है कि सूचना के अधिकार (RTI) का गलत इस्तेमाल कर उन्हें डराया जा रहा है। विशेष रूप से, एक मामले में न्यायालय द्वारा केस खारिज किए जाने के बावजूद, उक्त व्यक्ति कोर्ट के फैसले के विरुद्ध जाकर भ्रामक खबरें प्रकाशित कर रहा है।

एकजुट हुए सरपंच : 96 पंचायतों में आक्रोश
इस प्रताड़ना से तंग आकर बरमकेला के लगभग 96 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है। वायरल तस्वीरों में देखा जा सकता है कि दर्जनों सरपंचों ने अपने सील और दस्तखत के साथ इस शिकायत का समर्थन किया है।

सरपंच संघ की मांग:
फर्जी पत्रकारों और ब्लैकमेलिंग करने वालों पर तत्काल FIR दर्ज हो।
महिला सरपंचों को देर रात फोन कर परेशान करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि विकास कार्यों में अनावश्यक दखलअंदाजी और वसूली बंद हो।

नोट: यह शिकायत पत्र जिला पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ जिला कलेक्टर को भी प्रतिलिपि के रूप में भेजा गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन “पीत पत्रकारों” (Yellow Journalists) पर क्या नकेल कसता है।

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