नाबालिग से छेड़खानी के मामले में रायगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दोनों आरोपी गिरफ्तार



घर में घुसकर वारदात को दिया अंजाम, कुछ ही घंटों में पकड़कर न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी; पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

रायगढ़, 16 फरवरी। महिला एवं नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर सख्त रुख अपनाते हुए रायगढ़ पुलिस ने घर में घुसकर नाबालिग बालिका से छेड़खानी करने वाले दो आरोपियों को त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई।

आधी रात घर में घुसे आरोपी, बालिका के शोर मचाने पर भागे

महिला थाना में 14 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 फरवरी की रात करीब 11:30 बजे गांव के रोहन उरांव और पवन कुमार मिंज घर के पीछे से मकान में घुस आए और कमरे में सो रही नाबालिग बालिका से गलत नियत से छेड़खानी करने लगे।

बालिका के चिल्लाने पर परिजन और आसपास के लोग जाग गए। भीड़ जुटते देख आरोपी मौके से भाग निकले। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर महिला थाना में अपराध क्रमांक 10/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में त्वरित गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की।

संभावित ठिकानों पर दबिश देकर पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपी रोहन उरांव (20 वर्ष) और पवन कुमार मिंज (25 वर्ष), दोनों निवासी उर्दना थाना सिटी कोतवाली, रायगढ़ को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

“महिला व बच्चों के विरुद्ध अपराधों में जीरो टॉलरेंस” — एसएसपी

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिला एवं नाबालिगों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “इस प्रकार के जघन्य अपराधों में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। महिला एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों में हमारी नीति पूर्णतः जीरो टॉलरेंस की है।”

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसी घटनाओं की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मामले में सहायक उप निरीक्षक विल्फ्रेड मसीह, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव, आरक्षक संदीप भगत सहित महिला थाना स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।

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