कांकेर ग्राम सभा के फैसले को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी, याचिका खारिज



कांकेर। जिले के कुछ गांवों में बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने ग्राम सभाओं के निर्णय को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी।

अदालत ने स्पष्ट किया कि ग्राम सभाएं अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए सामाजिक और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े विषयों पर निर्णय ले सकती हैं।

क्या है मामला

यह प्रकरण उन गांवों से संबंधित है जहां ग्राम सभाओं ने बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक संबंधी बोर्ड लगाए थे। इस फैसले को पहले हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन वहां भी याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संविधान एवं संबंधित कानून ग्राम सभाओं को स्थानीय प्रशासन और सामाजिक-सांस्कृतिक हितों की रक्षा के लिए निर्णय लेने का अधिकार देते हैं। अदालत ने यह भी माना कि ग्राम सभा अपने क्षेत्र की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठा सकती है।

डिप्टी सीएम ने किया स्वागत

प्रदेश के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कांकेर ग्राम सभा का निर्णय आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button