
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की मंगलवार को शुरू हुई कार्यवाही में डोंगरगढ़ जिला सहकारी बैंक के भवन निर्माण और परिवहन से जुड़े मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिली। कुछ ही देर में विपक्ष ने असंतोष जताते हुए सदन से दो बार वॉकआउट किया, जिससे कार्यवाही का माहौल गर्म हो गया।
डोंगरगढ़ सहकारी बैंक भवन निर्माण पर तीखी नोकझोंक
- विधायक हर्षिता बघेल ने सवाल उठाया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित स्थल पर अतिक्रमण होने के कारण काम बाधित है, और प्रशासन अब तक अतिक्रमण हटाने में असफल रहा है।
- सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने जवाब दिया कि प्रस्तावित जगह पूरी तरह उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर से चर्चा कर उचित स्थान पर निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।
- विपक्ष का आरोप: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रस्तावित स्थल पर पार्किंग की सुविधा मौजूद है, फिर भी निर्माण कार्य नहीं शुरू किया जा रहा। उन्होंने अतिक्रमण किसी प्रभावशाली व्यक्ति का होने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि अन्य जगहों पर बुलडोजर चलाया जाता है, तो यहां कार्रवाई क्यों नहीं।
इस जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
फिटनेस और परमिट रहित वाहनों का मामला
सदन में परिवहन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई:
- विधायक ओंकार साहू ने बिना फिटनेस, परमिट और बीमा के चल रही गाड़ियों की समस्या उठाई।
- मंत्री केदार कश्यप ने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक 77,810 प्रकरण बिना परमिट और बीमा के वाहनों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपए की वसूली हुई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्री बिना तैयारी के जवाब दे रहे हैं और विभागीय जानकारी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने इस विषय पर अलग समय पर विस्तृत चर्चा की मांग की।
विपक्ष का विरोध
- बजट सत्र की कार्यवाही शुरू होने के आधे घंटे के भीतर ही विपक्ष ने दो बार वॉकआउट किया।
- यह सदन के माहौल को गर्माता दिखा और विपक्ष ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।




