
पेट्रोल-डीजल पर बड़ा झटका और राहत दोनों: एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती, वैश्विक तेल संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला
नई दिल्ली । ईंधन कीमतों पर बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती
सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty on Fuel) में बड़ी कटौती की घोषणा की है। नए फैसले के तहत दोनों ईंधनों पर 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है।
इसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह शून्य कर दिया गया है।
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच लिया गया फैसला, अंतरराष्ट्रीय हालात से प्रभावित बाजार
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार भारी दबाव में है। अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव तथा Strait of Hormuz में अवरोध की आशंका ने कच्चे तेल की आपूर्ति पर गंभीर असर डाला है।
यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा वहन करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
केंद्रीय सरकार का बयान: आम नागरिकों को राहत देने की प्राथमिकता
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने कहा कि पिछले कुछ समय में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। इसके बावजूद सरकार ने जनता को महंगाई से बचाने के लिए टैक्स बोझ कम करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि सरकार के सामने दो विकल्प थे—या तो कीमतें बढ़ाई जाएं या नागरिकों को राहत दी जाए। सरकार ने दूसरा विकल्प चुना।
सरकार का वित्तीय त्याग, तेल कंपनियों के नुकसान को कम करने की कोशिश
सरकारी निर्णय के तहत टैक्स रेवेन्यू में बड़ा त्याग किया गया है ताकि तेल कंपनियों के भारी नुकसान को संतुलित किया जा सके। अनुमान के अनुसार पेट्रोल पर लगभग ₹24 प्रति लीटर और डीजल पर ₹30 प्रति लीटर का असर पड़ा था।
इसके साथ ही निर्यात कर (Export Tax) भी लागू किया गया है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल निर्यात पर नियंत्रण रखा जा सके।
एक्साइज ड्यूटी क्या है और आपकी जेब पर इसका असर क्यों पड़ता है?
Excise Duty एक ऐसा टैक्स है जो केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल जैसे उत्पादों पर लगाती है।
जब यह टैक्स घटता है तो ईंधन सस्ता हो सकता है और ट्रांसपोर्ट, सामान ढुलाई तथा रोजमर्रा की महंगाई पर सीधा असर पड़ता है। वहीं बढ़ोतरी होने पर महंगाई का दबाव बढ़ जाता है।
