
छत्तीसगढ़ में अनोखी शादी ने मचाया बवाल: एक ही दूल्हे ने दो दुल्हनों संग लिए सात फेरे, सोशल मीडिया पर बहस तेज
कोंडागांव |बैलगांव में हुआ हैरान कर देने वाला विवाह, पूरे गांव में बना चर्चा का विषय
Kondagaon जिले के फरसगांव ब्लॉक स्थित बैलगांव गांव में 24 मार्च 2026 को एक ऐसी शादी हुई, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया। यहां एक ही दूल्हे ने एक साथ दो दुल्हनों के साथ सात फेरे लेकर विवाह किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
परंपरा और सहमति के साथ संपन्न हुई अनोखी शादी
यह विवाह किसी छिपे हुए तरीके से नहीं, बल्कि पूरे रीति-रिवाजों और सामाजिक उपस्थिति के बीच सम्पन्न हुआ। खास बात यह रही कि दोनों दुल्हनों और परिवारों की सहमति के साथ यह शादी पूरी की गई, जिससे यह मामला और भी चर्चा का केंद्र बन गया।
वायरल हुआ शादी का कार्ड, पहले ही बढ़ गया था सस्पेंस
शादी से पहले ही निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें दोनों दुल्हनों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज थे। कार्ड देखकर लोग पहले ही हैरान थे, लेकिन शादी के बाद सामने आए दृश्य ने सभी को चौंका दिया।
ढोल-नगाड़ों और डीजे के बीच पूरा गांव बना जश्न का हिस्सा
हल्दी से लेकर बारात तक सभी रस्में पारंपरिक तरीके से निभाई गईं। गांव में निकली बारात, सामूहिक भोज और डीजे की धुन पर जमकर नाच-गाना हुआ। पूरा माहौल किसी बड़े उत्सव से कम नहीं था।
सोशल मीडिया पर वायरल, राय दो हिस्सों में बंटी
शादी के वीडियो और तस्वीरें अब Instagram, YouTube और Facebook पर तेजी से फैल रही हैं। कुछ लोग इसे “सहमति पर आधारित अनोखा विवाह” बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे परंपरा और आधुनिकता के बीच बहस का मुद्दा मान रहे हैं।
कानूनी पहलू भी चर्चा में, लेकिन कोई विवाद दर्ज नहीं
कानूनी दृष्टि से देखें तो हिंदू विवाह अधिनियम के अनुसार एक समय में एक ही विवाह मान्य होता है। हालांकि कुछ आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत सहमति आधारित विवाह देखने को मिलते हैं। फिलहाल इस मामले में किसी विवाद या पुलिस कार्रवाई की सूचना नहीं है।
नया सामाजिक विमर्श: परंपरा या बदलाव?
यह शादी अब केवल एक गांव की घटना नहीं रही, बल्कि पूरे देश में एक नई बहस छेड़ चुकी है—क्या यह परंपरा का हिस्सा है, व्यक्तिगत सहमति का उदाहरण है या बदलते समाज की नई तस्वीर?
