
रेमंड समूह के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन, संघर्षों भरा रहा अंतिम जीवन
मुंबई। देश के दिग्गज उद्योगपति और Raymond को वैश्विक पहचान दिलाने वाले विजयपत सिंघानिया का निधन हो गया। ‘द कंप्लीट मैन’ ब्रांड छवि को लोकप्रिय बनाने वाले सिंघानिया ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष बेहद संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में बिताए।
12,000 करोड़ के साम्राज्य से किराए के घर तक
एक समय करीब 12,000 करोड़ रुपये के कारोबार के मालिक रहे सिंघानिया को जीवन के अंतिम दिनों में मुंबई में किराए के घर में रहना पड़ा। यह कहानी भारतीय कॉर्पोरेट जगत की सबसे भावुक और चर्चित घटनाओं में से एक बन गई।
एक फैसला बना टर्निंग पॉइंट
साल 2015 उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब उन्होंने अपने बेटे गौतम सिंघानिया के नाम अपनी पूरी हिस्सेदारी ट्रांसफर कर दी। रिटायरमेंट के बाद सुकून भरी जिंदगी की उम्मीद रखने वाले सिंघानिया के लिए यह फैसला ‘हिमालय जैसी भूल’ साबित हुआ।
बाद में पिता-पुत्र के संबंध इतने खराब हो गए कि उन्हें अपने ही बनाए ‘जेके हाउस’ से बाहर होना पड़ा। अपनी आत्मकथा An Incomplete Life में उन्होंने इसे अपनी सबसे बड़ी गलती बताया था।
साहसिक कारनामों के लिए भी प्रसिद्ध
व्यापार के साथ-साथ सिंघानिया साहसिक गतिविधियों के लिए भी जाने जाते थे।
- 2005 में 67 वर्ष की उम्र में 69,000 फीट की ऊंचाई पर हॉट एयर बैलून उड़ाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया।
- माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट से 23 दिनों में लंदन से दिल्ली तक अकेले उड़ान भरी।
सम्मान और उपलब्धियां
उद्योग और साहसिक कार्यों में योगदान के लिए उन्हें 2006 में Padma Bhushan से सम्मानित किया गया था। साथ ही भारतीय वायु सेना में उन्हें मानद ‘एयर कोमोडोर’ की उपाधि भी मिली थी।
अधूरेपन के साथ विदाई
जीवन के अंतिम समय में वे कानूनी विवादों और पारिवारिक संघर्षों से जूझते रहे। उनके निधन के साथ भारतीय उद्योग जगत ने एक ऐसे दिग्गज को खो दिया, जिसने ‘सूटिंग-शर्टिंग’ को नई पहचान दी, लेकिन निजी जीवन में वे अधूरेपन का दर्द झेलते रहे।
