
तमनार में प्रधानमंत्री आवास योजना पर सवाल, 14 पंचायतों के सैकड़ों पात्र हितग्राही अब भी वंचित
रायगढ़। जिले के तमनार विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र की करीब 14 ग्राम पंचायतों के सैकड़ों पात्र हितग्राही अब भी पक्के आवास से वंचित बताए जा रहे हैं, जबकि योजना का उद्देश्य हर गरीब परिवार को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
औद्योगिक क्षेत्र का हवाला देकर योजना से वंचित करने का आरोप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रभावित ग्राम पंचायतें Adani Group और Jindal Steel and Power की औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े क्षेत्र में आती हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह तर्क दिया जा रहा है कि प्रभावित क्षेत्र होने के कारण इन हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता।
एक तरफ मुआवजा, दूसरी तरफ निर्माण कार्य पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक ओर मुआवजा प्राप्त करने के लिए क्षेत्र में निजी निर्माण कार्य जारी है, वहीं गरीबों को सरकारी आवास योजना से वंचित किया जाना समझ से परे है। लोगों ने इसे नीति में असमानता करार दिया है।
हितग्राहियों में नाराजगी, कच्चे मकानों में जीवन यापन जारी
योजना से वंचित परिवारों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। कई हितग्राहियों का कहना है कि वे वर्षों से कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं और उन्हें इस योजना से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन अब निराशा हाथ लगी है।
जांच और स्पष्ट नीति की मांग तेज
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी नियम के तहत लाभ रोका गया है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए और पात्र परिवारों को वैकल्पिक रूप से योजना का लाभ दिया जाना चाहिए।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी शंकाएं
इस मामले में प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। लोग जल्द समाधान और पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


