वेदांता विवाद: नवीन जिंदल के बाद किरण बेदी का समर्थन, कंपनी को बताया ‘राष्ट्रीय संपत्ति’

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सिंहितराई बॉयलर ब्लास्ट मामले को लेकर वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के समर्थन में आवाजें तेज होती जा रही हैं। लोकसभा सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल के बाद अब पूर्व उपराज्यपाल और सेवानिवृत्त IPS अधिकारी डॉ. किरण बेदी ने भी खुलकर समर्थन किया है।


किरण बेदी बोलीं—वेदांता एक ‘राष्ट्रीय संपत्ति’

डॉ. किरण बेदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर लिखा कि हाल ही में वेदांता संगठन का दौरा करने पर उन्होंने पाया कि वहां सुरक्षा और प्रशिक्षण को लेकर गंभीरता से काम किया जा रहा है। उन्होंने वेदांता को “नवरत्न” और “राष्ट्रीय संपत्ति” बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में निर्णय लेते समय संवेदनशीलता और संतुलन जरूरी है।

“जांच से सीख लेकर बेहतर सुरक्षा उपाय सामने आएंगे, लेकिन सार्वजनिक बयान और फैसले बेहद सोच-समझकर लेने चाहिए, क्योंकि इसका देश पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।”


नवीन जिंदल ने उठाए थे FIR पर सवाल

इससे पहले नवीन जिंदल ने इस मामले में सबसे पहले प्रतिक्रिया देते हुए अनिल अग्रवाल का नाम एफआईआर में शामिल किए जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि बिना जांच के किसी उद्योगपति को आरोपी बनाना उचित प्रक्रिया के खिलाफ है।

उन्होंने यह भी कहा कि हादसा बेहद दुखद है और प्रभावित परिवारों को मुआवजा, रोजगार सहायता और निष्पक्ष जांच मिलनी चाहिए, लेकिन जिम्मेदारी तय करने से पहले तथ्यों का सामने आना जरूरी है।


उद्योग संगठनों से भी उठाई आवाज

जिंदल ने CII, FICCI, ASSOCHAM जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर चुप्पी न साधें और उचित प्रक्रिया के समर्थन में सामने आएं। उन्होंने कहा कि निवेशकों का भरोसा बनाए रखना देश के आर्थिक विकास के लिए जरूरी है।


मुआवजा वितरण शुरू

सूत्रों के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले 23 लोगों के परिजनों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कंपनी द्वारा चेक और ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से सहायता राशि दी जा रही है और परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।


मामला क्यों बना बड़ा मुद्दा

यह पूरा मामला केवल एक औद्योगिक दुर्घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह प्रशासनिक प्रक्रिया, जिम्मेदारी तय करने के तरीके और उद्योग जगत के भरोसे से जुड़ा बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बनता जा रहा है।


दो प्रमुख राष्ट्रीय हस्तियों के समर्थन के बाद अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और संतुलित कार्रवाई की मांग और तेज हो गई है।

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