
लैलूंगा में सरपंच संघ का आक्रोश अचानक शांत : आंदोलन क्यों हुआ “टाय-टाय फुस्स”?
लैलूंगा। जनपद पंचायत लैलूंगा में सरपंच संघ का विरोध प्रदर्शन अचानक समाप्त हो जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। 15 सरपंचों की प्रस्तावित समीक्षा बैठक को लेकर शुरू हुआ यह विवाद कुछ ही समय में खत्म हो गया, जिसे लेकर अब चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
कोडसिया हाई स्कूल में बैठक को लेकर विवाद
जानकारी के अनुसार, 15 सरपंचों की समीक्षा बैठक कोडसिया हाई स्कूल में आयोजित की जानी थी। इस फैसले से नाराज सरपंच संघ ने जनपद पंचायत कार्यालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सरपंचों का कहना था कि जब बैठक प्रशासनिक स्तर की है, तो उसे जनपद कार्यालय में ही आयोजित किया जाना चाहिए था।
सीईओ ने की हस्तक्षेप, बुलाया सभाकक्ष में
स्थिति को संभालने के लिए जनपद पंचायत की सीईओ ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित सरपंचों से चर्चा की और उन्हें सभाकक्ष में बुलाया। इसके बाद बातचीत हुई और देखते ही देखते 15 सरपंचों की बैठक बढ़कर करीब 75 सरपंचों की बैठक में बदल गई।

उठ रहे कई सवाल
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद कई सवाल सामने आ रहे हैं—
- जब प्रशासन क्लस्टर स्तर पर बैठक कर विकास कार्यों में तेजी लाना चाहता था, तो बैठक जनपद कार्यालय में क्यों नहीं हुई?
- क्या बैठक स्थल को लेकर पहले सरपंचों से चर्चा की गई थी?
- क्या कुछ सरपंचों या जनप्रतिनिधियों को अलग से साधने के लिए यह रणनीति बनाई गई थी?
- और सबसे बड़ा सवाल—इतना आक्रोश अचानक शांत कैसे हो गया?
आक्रोश क्यों हुआ शांत?
प्रदर्शन के दौरान सरपंच संघ का रुख काफी आक्रामक दिखाई दे रहा था, जिससे किसी बड़े विवाद की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद अचानक माहौल शांत हो गया। इस बदलाव ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।
चर्चाओं का दौर जारी
स्थानीय स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे सरपंच संघ का आक्रोश कुछ ही समय में खत्म हो गया।


