फर्जी आरटीओ ई-चालान से रहें सावधान, APK लिंक खोलते ही खाली हो सकता है खाता

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 29 अप्रैल 2026। राज्य में इन दिनों आरटीओ ई-चालान से जुड़ा एक नया साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग व्हाट्सएप के जरिए नकली चालान का डर दिखाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं और उनके बैंक खातों से पैसे निकाल रहे हैं।


कैसे हो रही है ठगी?

साइबर ठग व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं, जिसमें दावा किया जाता है कि आपके नाम से ट्रैफिक चालान कट गया है। साथ में एक .apk फाइल (ऐप लिंक) भेजी जाती है और उसे खोलने के लिए कहा जाता है।

जैसे ही व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड या ओपन करता है, उसके मोबाइल में वायरस या स्पाइवेयर इंस्टॉल हो जाता है, जिससे ठग बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बना लेते हैं।


ऐसे करें असली चालान की जांच

यदि आपको किसी चालान की जानकारी लेनी है, तो केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें:

  • https://echallan.parivahan.gov.in
  • चालान नंबर और कैप्चा डालें
  • OTP के माध्यम से चालान की पूरी जानकारी प्राप्त करें

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

  • व्हाट्सएप या SMS में आए किसी भी APK फाइल लिंक को न खोलें
  • अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें
  • किसी भी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान न करें
  • केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही चालान चेक करें

कैसे पहचानें असली मैसेज?

पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा भेजे जाने वाले ई-चालान केवल अधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से SMS के जरिए भेजे जाते हैं। इनमें किसी APK फाइल या संदिग्ध लिंक का उपयोग नहीं होता।


संदेह होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि आपको कोई संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऐप लिंक प्राप्त होता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं और साइबर ठगी से खुद को सुरक्षित रखें।

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