
तेंदूपत्ता संग्रहण बंद होने से ग्रामीणों का प्रदर्शन, 6 घंटे बाद खत्म हुआ आंदोलन
रायगढ़, 9 मई 2026: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण बंद होने और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को आंदोलन किया। ग्रामीणों ने सुबह गारे 4/6 माइंस के सामने धरना प्रदर्शन किया, जिससे सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
करीब 6 घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिए जाने पर ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
सुबह 6 बजे शुरू हुआ धरना प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे गारे गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण जिंदल माइंस के 4/6 माइंस क्षेत्र के सामने एकत्रित हुए और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप था कि माइंस शुरू होने के बाद इलाके में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य लगभग बंद हो गया है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले वे तेंदूपत्ता संग्रहण से आय प्राप्त करते थे और उससे जुड़ी कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता था, लेकिन अब उन्हें इन सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।
सड़क पर लगी वाहनों की लंबी कतार
धरना प्रदर्शन के कारण मार्ग पर जाम जैसी स्थिति बन गई। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस, वन विभाग और कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया।
मुआवजे की मांग पर अड़े ग्रामीण
गांव के सरपंच रवि शंकर सिदार ने बताया कि माइंस परियोजना के कारण ग्रामीणों को तेंदूपत्ता योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसी कारण ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन किया।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने ग्रामीणों से लिखित आवेदन लिया है, जिसे प्रबंध संचालक और जिला यूनियन के नाम सौंपा गया है।
उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा आवेदन
अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनके आवेदन को उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा और वहां से मिले निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने दोपहर करीब 12 बजे आंदोलन समाप्त कर दिया।


