
रायगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन. : गोवा के आलीशान विला में चल रहा था ऑनलाइन सट्टा, ‘मन्नू नथानी’ गैंग के 6 बड़े सटोरिए गिरफ्तार
मध्य भारत के एक बहुत बड़े ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट को ध्वस्त करने में रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गोवा के कैंडोलिम बीच स्थित एक किराए के विला में दबिश देकर पुलिस ने करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन और सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े छह मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है।
गोवा के विला में छापेमार कार्रवाई, भागने की फिराक में थे आरोपी
हाल ही में रायगढ़ में पकड़े गए सट्टा खाईवाल करन चौधरी और उसके साथियों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने इस जांच का दायरा बढ़ाया था। तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि खरसिया निवासी अमित मित्तल का नेटवर्क हैदराबाद और मुंबई होते हुए गोवा तक सक्रिय है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने गोवा पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी अपने लैपटॉप, मोबाइल और हिसाब की डायरियां नष्ट कर भागने की तैयारी में थे, जिन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।
महादेव सट्टा की तर्ज पर अत्याधुनिक तरीके से चल रहा था खेल
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे सट्टेबाजी के लिए तीन अलग-अलग तकनीकों का सहारा ले रहे थे। सबसे पहले ‘अभिनंदन बुक’ के जरिए रायपुर से भाव लेकर एपीके आधारित ऐप के माध्यम से आगे बांटते थे। इसके अलावा, लाइव मैच से लगभग 7 सेकंड पहले का प्रसारण दिखाने वाले विशेष टीवी ऐप का उपयोग कर वे समय का फायदा उठाते थे। गिरोह द्वारा महादेव ऐप की तर्ज पर ऑल पैनल एक्सचेंज, ताज 777 और डायमंड एक्सचेंज जैसी डिजिटल बेटिंग आईडी भी प्लेयर्स को बांटी जा रही थीं।
- गिरफ्तार आरोपी: अमित मित्तल (खरसिया), मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल और सुलभ खंडेलवाल (सभी रायपुर निवासी)।
- नेटवर्क का फैलाव: दुबई से आईडी लेकर नागपुर, रायपुर, रायगढ़ और सक्ती तक सट्टे का जाल।
- हवाला का खेल: मोबाइल चैट में नोटों के सीरियल नंबर साझा कर करोड़ों के अवैध फंड का मूवमेंट।
- बरामदगी: आरोपियों के पास से 10 स्मार्टफोन और डिजिटल साक्ष्य जब्त।
सभी आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, भेजे गए जेल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपी पुराने सटोरिए हैं। खरसिया निवासी अमित मित्तल पर पहले से ही कई थानों में ऑनलाइन सट्टे के मामले दर्ज हैं। वहीं रायपुर का मोहित सोमानी इस सिंडिकेट का लीडर बनकर उभरा था, जो मन्नू नथानी गैंग से सीधे लिंक लेकर नीचे 10 प्रतिशत के कमीशन पर आईडी बांटता था। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के साथ संगठित अपराध के तहत कार्रवाई की है।
ऑनलाइन सट्टा माफिया को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने साफ संदेश दिया है कि रायगढ़ पुलिस तकनीक का सहारा लेकर अपराध करने वाले ऐसे किसी भी गिरोह को बख्शने के मूड में नहीं है। पुलिस इस सिंडिकेट के वित्तीय चैनलों और अप-लिंक की गहराई से जांच कर रही है, जिससे आने वाले समय में कुछ और बड़े नामों का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।
इस बड़ी अंतरराज्जीय कार्रवाई में रायगढ़ साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम की मुख्य भूमिका रही।


