रायगढ़ में एक दिन बंद रहीं मेडिकल दुकानें, ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ दवा व्यापारियों का विरोध

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर की मेडिकल दुकानें बंद रहीं। दवा व्यवसायियों ने ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

जिले में संचालित करीब 760 मेडिकल दुकानों ने बंद का समर्थन किया। हालांकि जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर खुले रहे, ताकि मरीजों को जरूरी दवाइयां मिल सकें।


गंभीर मरीजों के लिए जारी किए आपातकालीन नंबर

दवा दुकानदारों ने गंभीर मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए मेडिकल दुकानों के बाहर आपातकालीन संपर्क नंबर भी चस्पा किए। ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल दवा उपलब्ध कराई जा सके।

शहर के रामनिवास टॉकीज चौक पर जिला औषधि संघ के पदाधिकारी और सदस्य एकत्र हुए और ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।


ऑनलाइन फार्मेसी पर गंभीर आरोप

जिला औषधि संघ के सचिव असीम अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी के जरिए फर्जी पर्चियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। एआई तकनीक की मदद से नकली प्रिस्क्रिप्शन तैयार कर दवाइयों का दुरुपयोग बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बिना उचित जांच के एंटीबायोटिक्स और साइकोट्रोपिक दवाइयां बेची जा रही हैं। एक ही पर्चे का कई बार इस्तेमाल हो रहा है, जिससे दवाओं के गलत उपयोग और नशे की लत का खतरा बढ़ गया है।


युवाओं तक पहुंच रही नशे वाली दवाइयां

दवा व्यापारियों का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नशे की आदत डालने वाली दवाइयां भी आसानी से युवाओं तक पहुंच रही हैं। इसके अलावा कई अवैध और गैर प्रमाणित दवाएं भी ऑनलाइन बेची जा रही हैं।

दवा व्यवसायियों ने कहा कि दवाइयों को व्यवसायिक वस्तु बनाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसके विरोध में यह आंदोलन किया गया।

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