12वीं हिन्दी पेपर लीक कांड का खुलासा, पीटीआई शिक्षक समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं हिन्दी परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर बेचने वाले गिरोह का रायपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने पीटीआई शिक्षक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
परीक्षा से पहले छात्रों तक हस्तलिखित हिन्दी प्रश्नपत्र पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया था। मामले में थाना सिटी कोतवाली रायपुर में अपराध क्रमांक 130/26 के तहत छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2008 और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
व्हाट्सएप से भेजा गया था पेपर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वेणु कुमार जंघेल ने 12वीं के एक छात्र को व्हाट्सएप के माध्यम से हिन्दी का हस्तलिखित प्रश्नपत्र भेजा था। इसके बदले आरोपी ने ऑनलाइन तीन हजार रुपए लिए थे।
पुलिस ने बैंक खाते की जांच कर रकम ट्रांसफर होने की पुष्टि भी कर ली। पूछताछ में आरोपी ने पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
पीटीआई शिक्षक ने लीक किया प्रश्नपत्र
जांच में पता चला कि हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राम बोरतरा जिला बेमेतरा के पीटीआई शिक्षक जवाहर लाल कुर्रे ने ही हिन्दी का हस्तलिखित प्रश्नपत्र वेणु जंघेल और विकास सेन को उपलब्ध कराया था।
पुलिस पूछताछ में शिक्षक जवाहर लाल कुर्रे ने भी अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्तर से बाहर आया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में वेणु कुमार जंघेल (19 वर्ष), विकास सेन (22 वर्ष) और पीटीआई शिक्षक जवाहर लाल कुर्रे (40 वर्ष) शामिल हैं। तीनों आरोपी बेमेतरा जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस का सख्त संदेश
रायपुर पुलिस ने कहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


