
सोलर प्लांट विवाद पर भाजपा में बगावत, 100 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने छोड़ी पार्टी
राजनांदगांव जिले में प्रस्तावित सोलर प्लांट परियोजना को लेकर भाजपा संगठन में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। ग्राम दीवान झिटिया में चल रही परियोजना के विरोध में भाजपा के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सोलर प्लांट की स्थापना में नियमों की अनदेखी की गई है। उन्होंने परियोजना से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और पर्यावरणीय नुकसान के गंभीर आरोप लगाए हैं।
फर्जी एनओसी और पेड़ों की कटाई का आरोप
इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर कथित मिलीभगत कर परियोजना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए गए। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई और कृषि भूमि को अन्य उपयोग के लिए परिवर्तित किया गया।
ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं का दावा है कि इलाके की उपजाऊ जमीन प्रभावित हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
कार्यकर्ताओं ने बताया कि मामले को लेकर जिला प्रशासन और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लिखित शिकायत सौंपी गई थी। इसमें कथित अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से कार्यकर्ताओं में निराशा और असंतोष बढ़ा है।
“अंतरात्मा के खिलाफ काम नहीं”
सामूहिक इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी एक ओर पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शिता की बात करती है, जबकि स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसी स्थिति में पार्टी से जुड़े रहना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है।
इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
116 कार्यकर्ताओं के नाम शामिल
सूत्रों के अनुसार इस्तीफा पत्र में 116 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के नाम दर्ज हैं। सभी ने हस्ताक्षर या अंगूठा लगाकर प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही है।
अब इस सामूहिक इस्तीफे के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और पार्टी संगठन की प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है।


