
तहसीलदार-विधायक विवाद पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने सरकार पर साधा निशाना
बिलासपुर। तहसीलदार और विधायक के बीच हुए विवाद को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कोटा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने इस मामले को लेकर सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
‘विधायक का कानून हाथ में लेना चिंताजनक’
कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है, जब सत्ता पक्ष का एक विधायक स्वयं कानून को अपने हाथ में ले रहा है। उन्होंने कथित मारपीट की घटना को प्रदेश में अराजक माहौल बनने का संकेत बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं हैं।
नियमानुसार कार्रवाई करने की दी सलाह
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि यदि विधायक की भतीजी के साथ किसी प्रकार की बदसलूकी हुई थी, तो उन्हें कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करवानी चाहिए थी। किसी भी जनप्रतिनिधि को स्वयं कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री पर साधा निशाना
कांग्रेस विधायक ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से प्रदेश नहीं संभल रहा है, जबकि गृहमंत्री अन्य राज्यों के दौरों में व्यस्त हैं और प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
दोनों पक्षों की बताई गलती
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों की ओर से चूक हुई है। उनके अनुसार तहसीलदार को प्राप्त आवेदनों और शिकायतों पर समयबद्ध जवाब देना चाहिए था तथा अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन करना चाहिए था।
विधायक को पद की गरिमा बनाए रखने की नसीहत
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने पद की गरिमा और जिम्मेदारियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में विवादों का समाधान कानूनी प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से ही होना चाहिए।
श्रीवास्तव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सर्वोपरि है और सभी पक्षों को उसका सम्मान करना चाहिए।
मामले पर जारी है राजनीतिक प्रतिक्रिया
तहसीलदार और विधायक के बीच हुए विवाद के बाद प्रदेश की राजनीति में लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों इस मामले को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। वहीं प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं जारी हैं।


