
“क्या गारंटी है कि री-एग्जाम का पेपर फिर लीक नहीं होगा?” NEET विवाद पर अधिकारियों से संसद समिति के तीखे सवाल
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर संसदीय समिति ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA), शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों से कड़े सवाल पूछे हैं। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट रूप से जानना चाहा कि जब एक बार परीक्षा का पेपर लीक हो चुका है, तो आगामी री-एग्जाम में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी, इसकी क्या गारंटी है।
संसदीय समिति ने तलब किए अधिकारी
संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की स्थायी समिति ने NEET-UG 2026 पेपर लीक प्रकरण, परीक्षा सुधार और NTA की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय और NTA के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया। बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
पेपर लीक रोकने को लेकर मांगा जवाब
समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से पूछा कि जब लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है, तब री-एग्जाम के दौरान पेपर लीक रोकने के लिए क्या ठोस इंतजाम किए गए हैं। सदस्यों ने यह भी जानना चाहा कि परीक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों को दूर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
21 जून को प्रस्तावित है री-एग्जाम
पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द की गई NEET-UG 2026 परीक्षा का पुनर्परीक्षण 21 जून को प्रस्तावित है। मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है और अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।
NTA ने बताईं नई सुरक्षा व्यवस्थाएं
NTA ने सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समिति को बताया है कि री-एग्जाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया गया है। प्रश्नपत्रों के प्रबंधन, निगरानी तंत्र, डिजिटल सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय को और सख्त किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता
समिति ने इस बात पर भी चिंता जताई कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का मानसिक तनाव बढ़ता है और उनके करियर पर असर पड़ता है। सांसदों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
फिलहाल, NEET-UG 2026 विवाद को लेकर संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक निगाहें टिकी हुई हैं। अब सभी की नजर 21 जून को होने वाले री-एग्जाम और उसकी पारदर्शिता पर है।

