मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण अग्निकांड: ICU में आग लगने से 5 मरीजों की मौत, 20 से अधिक झुलसे

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक प्राइवेट अस्पताल के आईसीयू (ICU) में देर रात भीषण आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसा बुधवार रात करीब 3 बजे हुआ। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, जिसके तुरंत बाद आईसीयू में लगे एसी (AC) में जोरदार ब्लास्ट हुआ और आग तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और खिड़कियां व दरवाजे तोड़कर वार्ड में फंसे मरीजों को बाहर निकाला। इस लापरवाही पर अस्पताल के मालिक डॉक्टर उपेंद्र प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

मृतकों की हुई पहचान, हादसे के वक्त स्टाफ के भागने का आरोप

अस्पताल की 5वीं मंजिल पर आईसीयू वार्ड होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हादसे में जान गंवाने वाले सभी 5 मरीजों की पहचान कर ली गई है, जिनमें गीता देवी, चंचला वर्मा, उदय कुमार (57 वर्ष), शशांक कुमार (30 वर्ष) और कृष्णनंदन सिंह शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगते ही डॉक्टर और पूरा स्टाफ मरीजों को तड़पता छोड़कर मौके से भाग खड़ा हुआ। दमकल विभाग के अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि जब उनकी टीम पहुंची, तब अस्पताल का अधिकांश स्टाफ वहां मौजूद नहीं था।

93 साल की बुजुर्ग मरीज ने दिखाई हिम्मत, खुद बाहर आकर दी सूचना

इस खौफनाक मंजर के बीच आईसीयू में भर्ती 93 वर्षीय बुजुर्ग मरीज राधा देवी ने गजब का साहस दिखाया। उन्होंने बताया कि जैसे ही वार्ड में धुआं उठने लगा, उन्होंने तुरंत अपना ऑक्सीजन मास्क हटाया और खुद चलकर वार्ड से बाहर आ गईं। उन्होंने ही बाहर तैनात गार्ड को अंदर आग लगने की जानकारी दी। वहीं, हादसे के बाद कुछ मरीजों के लापता होने की अफवाह पर परिजनों ने हंगामा किया, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने साफ किया है कि कोई भी मरीज लापता नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित निकालकर जिले के दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, जांच के लिए 5 अधिकारियों की टीम गठित

सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार दिल्ली दौरा बीच में ही छोड़कर पटना के जयप्रभा मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए। मुजफ्फरपुर के डीएम सुब्रत कुमार ने बताया कि हादसे के वक्त आईसीयू में कुल 15 मरीज थे। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पांच वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें अपर समाहर्ता आपदा, सिविल सर्जन और जिला अग्निशमन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।

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