केलो नदी की सफाई के लिए उतारा गया पोकलेन

दो बड़े चैन माउंटेन मशीनों से की जा रही केलो नदी की सफाई

रायगढ़। शहर की जीवनदायिनी केलो नदी की स्वच्छता, जल प्रवाह को सुचारू बनाए रखने तथा मानसून पूर्व तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत केलो नदी में दो बड़े चैन माउंटेन पोकलेन मशीनों को उतारा गया है, जिनकी सहायता से नदी में जमा गाद, झाड़ियां, जलकुंभी, कचरा और अन्य अवरोधों को हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।


वर्तमान में निर्माणाधीन नालंदा परिसर के पास स्थित दोनों ओर के मरीन ड्राइव के नीचे नदी क्षेत्र में सफाई कार्य किया जा रहा है। नदी के दोनों किनारों एवं जल प्रवाह वाले हिस्सों में मशीनों के माध्यम से लंबे समय से जमा अवशेषों को हटाकर पानी के बहाव को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।


नगर निगम द्वारा मानसून को ध्यान में रखते हुए नदी के उन हिस्सों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां जल प्रवाह प्रभावित होने की संभावना अधिक रहती है। सफाई कार्य से बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति कम होगी तथा नदी का प्राकृतिक प्रवाह बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही नदी तटों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।


कमिश्नर श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि मानसून पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां प्राथमिकता के आधार पर की जा रही हैं। केलो नदी शहर की महत्वपूर्ण जलधारा है और इसके निर्बाध प्रवाह को बनाए रखना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मशीनों के माध्यम से तेज गति से सफाई कर नदी में जमा गाद और अवरोधों को हटाया जा रहा है, ताकि बारिश के दौरान जल निकासी प्रभावित न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सफाई कार्य की सतत मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।


कमिश्नर श्री क्षत्रिय ने नदी में प्लास्टिक, कचरा एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री नहीं डालने तथा स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने शहरवासियों से अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ नदी और स्वच्छ पर्यावरण के लिए प्रशासनिक पहल के साथ जनसहभागिता की भी सबसे ज्यादा आवश्यकता रहती जितनी ।


नगर निगम द्वारा आगामी दिनों में भी केलो नदी के अन्य हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से सफाई अभियान जारी रखा जाएगा, ताकि मानसून के दौरान जल प्रवाह सुचारू बना रहे और शहरवासियों को बेहतर एवं सुरक्षित शहरी वातावरण उपलब्ध हो सके।

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