रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता : 4 साल पहले कोतरारोड़ से लापता हुई नाबालिग राजस्थान से बरामद, इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिला संबंधी अपराधों और लापता बच्चों की खोजबीन के लिए चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत कोतरारोड़ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। वर्ष 2022 से लापता एक नाबालिग बालिका को पुलिस टीम ने राजस्थान के डिडवाना-कुचामन जिले से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने, जबरन शादी करने और उसका शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

घरवाले काम पर गए थे, तभी अचानक लापता हो गई थी बालिका

जानकारी के अनुसार, 8 नवंबर 2022 को थाना कोतरारोड़ में नाबालिग बालिका की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने बताया था कि 3 नवंबर 2022 को जब घर के सभी सदस्य काम पर गए हुए थे, तभी बालिका अचानक लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो कोतरारोड़ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 325/2022, धारा 363 भादवि (IPC) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

इंस्टाग्राम से हुई थी दोस्ती, आरोपी ने ट्रेन टिकट भेजकर बुलाया था जयपुर

बरामदगी के बाद पीड़िता ने पुलिस को आपबीती बताते हुए कहा कि लगभग पांच साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी पहचान राजस्थान निवासी श्योजी राम से हुई थी। सोशल मीडिया पर लगातार बातचीत के बाद आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया। आरोपी ने उसे रायगढ़ से जयपुर आने के लिए रेलवे का टिकट भेजा और फिर वहां से किशनगढ़ पहुंचने को कहा। आरोपी के कहे अनुसार वह 3 नवंबर 2022 को घर से निकलकर किशनगढ़ पहुंची, जहां आरोपी उसे अपने साथ ले गया और एक किराए के मकान में रखकर पति-पत्नी की तरह रहने लगा। पीड़िता के मुताबिक, उसकी कम उम्र की जानकारी होने के बावजूद आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

सोशल मीडिया और तकनीकी जांच से राजस्थान में मिला सुराग

विवेचना के दौरान कोतरारोड़ पुलिस ने जब बालिका के सोशल मीडिया अकाउंट्स और कॉल डिटेल्स की गहनता से तकनीकी जांच की, तो राजस्थान निवासी श्योजी राम का नाम सामने आया। पुलिस की एक टीम पहले भी राजस्थान गई थी, लेकिन आरोपी और बालिका अपने ठिकाने से मोबाइल बंद कर भाग निकले थे। लगातार सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर विशेष टीम ने 5 जून 2026 को राजस्थान के जिला डिडवाना-कुचामन के ग्राम शिवदानपुरा (थाना चितावा) में दबिश देकर आरोपी श्योजी राम (29 वर्ष) के चंगुल से पीड़िता को मुक्त कराया, जिसके बाद 7 जून 2026 को उसे सकुशल रायगढ़ लाया गया।

आरोपी पर पॉक्सो एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं दर्ज, भेजा गया जेल

पीड़िता के बयानों और जांच में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर मामले में अपहरण, बलात्कार और लैंगिक अपराध से जुड़ी कड़ी धाराएं जोड़ी गई हैं। आरोपी के खिलाफ अब धारा 366, 376 (2) (ढ) भा.द.वि. और 6 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन, एएसपी अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के सुपरविजन में की गई इस बड़ी कार्रवाई में कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक शील कुमार आदित्य, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा (थाना पूंजीपथरा), प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक बलराम साहू और महिला आरक्षक कामिनी राठिया की मुख्य भूमिका रही। एसएसपी ने संदेश दिया है कि लापता बच्चों और महिलाओं की सुरक्षित वापसी रायगढ़ पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है और ऐसे मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ त्वरित एक्शन लिया जाता रहेगा।

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