धरमजयगढ़ में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे जिला पंचायत सीईओ
: मनरेगा मॉडलों का किया निरीक्षण, जुलाई अंत तक काम पूरे करने के निर्देश
कलेक्टर के विशेष निर्देश पर जिला पंचायत रायगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री अभिजीत बबन पठारे ने आज धरमजयगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्रामीण अंचलों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जल संरक्षण, स्वास्थ्य, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जमीनी कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। सीईओ ने शासकीय योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और हितग्राहियों को मिल रहे वास्तविक लाभों का जायजा लेते हुए मैदानी अधिकारियों को सभी लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
“मोर गांव-मोर पानी”: मनरेगा के तहत मॉडल तालाबों से संवर रहा जल स्तर
दौरे के प्रथम चरण में जिला पंचायत सीईओ ग्राम नवागांव पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत संचालित “मोर गांव-मोर पानी महाअभियान” एवं “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विकसित किए गए मॉडल ‘नवा तरिया’ (तालाब) का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर तालाब की उपयोगिता, भूजल संवर्धन क्षमता, रोजगार सृजन तथा श्रमिकों के बैंक खातों में मजदूरी भुगतान की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
सीईओ श्री पठारे ने कहा कि ऐसे मॉडल कार्य जल संरक्षण और सिंचाई का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों की आय में वृद्धि करने और स्थानीय स्तर पर पलायन रोकने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने नवागांव में मनरेगा के तहत किए गए वृहद वृक्षारोपण कार्यों का अवलोकन किया और ट्री-गार्ड तथा फेंसिंग लगाकर पौधों की नियमित सुरक्षा व बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शासकीय भवनों की गुणवत्ता परखने पहुंचे अफसर, उप स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण
सीईओ ने ग्राम पुरुंगा में निर्माणाधीन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) भवन का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल केंद्र के शुरू होने से ग्रामीणों को बैंकिंग, वित्तीय और शासकीय प्रमाण-पत्र जैसी ऑनलाइन डिजिटल सेवाएं गांव में ही मिलने लगेंगी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बचेगा।
इसके पश्चात उन्होंने पुरुंगा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण कर ओपीडी (OPD) रजिस्टर, डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, मुफ्त दवा वितरण स्टॉक और मातृ-शिशु टीकाकरण अभिलेखों (रिकॉर्ड) की गहन जांच की। ग्राम आमापाली में निर्माणाधीन ‘महतारी सदन’ का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्माण एजेंसी को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि निर्माण में गुणवत्ता मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इसे तय समय में पूरा किया जाए।
मछली-बत्तख पालन से सशक्त हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कचरे से बन रही खाद
ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत हो रहे कार्यों की सराहना करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम शाहपुर में ‘आजीविका डबरी’ के अंतर्गत संचालित मछली पालन एवं बत्तख पालन गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) के प्रयासों को थपथपाते हुए कहा कि ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसे मल्टी-एक्टिविटी आजीविका मॉडलों को हर पंचायत में बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
इसके बाद उन्होंने लक्ष्मीपुर स्थित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया, जहां सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले मलबे व अपशिष्ट का वैज्ञानिक पद्धतियों से उपचार कर जैविक खाद और सिंचाई योग्य पानी तैयार किया जा रहा है। वहीं, प्रज्ञा स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का जायजा लेते हुए उन्होंने देखा कि कैसे ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्रित अनुपयोगी प्लास्टिक कचरे का प्रसंस्करण कर उसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनने वाली डामर की सड़कों में उपयोग के लिए रीसायकल किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय महिलाओं को रोजगार दोनों मिल रहा है।
इस महत्वपूर्ण मैदानी दौरे के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप संचालक श्री नीलाराम पटेल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री महेश पटेल, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के सीईओ श्री मदनलाल साहू सहित तकनीकी विभागों के अन्य सब-इंजीनियर व विभागीय कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।



