होर्मुज स्ट्रेट खुलने की उम्मीद, क्या थमेगा मध्य पूर्व का युद्ध? ट्रंप ने किया ऐतिहासिक समझौते का दावा
अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदें, लेकिन तेहरान ने अभी नहीं दी अंतिम मंजूरी
वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व में महीनों से जारी तनाव और संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता जल्द ही हस्ताक्षरित हो सकता है। ट्रंप का कहना है कि समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट सभी जहाजों के लिए फिर से खोल दिया जाएगा।
ट्रंप बोले- आज हो सकता है समझौता
ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच तैयार किया गया समझौता अंतिम चरण में है और इसके हस्ताक्षर जल्द हो सकते हैं। उनके अनुसार इस समझौते का सबसे बड़ा उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि समझौते के लागू होते ही होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़े दबाव में राहत मिल सकती है।
ईरान ने बरती सावधानी
हालांकि ईरान की ओर से अभी तक किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि समझौता अगले कुछ दिनों में संभव हो सकता है, लेकिन ट्रंप द्वारा बताए गए समय को लेकर अभी स्पष्ट सहमति नहीं बनी है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाले बड़े हिस्से का तेल और गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।
हाल के संघर्ष के दौरान इस समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ गया था और यातायात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ था। यदि यह मार्ग पूरी तरह खुलता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों को बड़ी राहत मिल सकती है।
समझौते में क्या-क्या शामिल हो सकता है?
रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को खोलना, कुछ प्रतिबंधों में राहत, युद्धविराम को आगे बढ़ाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की वार्ता शामिल हो सकती है। हालांकि अंतिम शर्तों को लेकर दोनों पक्षों की आधिकारिक सहमति अभी सामने नहीं आई है।
दुनिया की नजर समझौते पर
यदि यह समझौता सफल होता है तो मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को कम करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनों देशों की ओर से औपचारिक हस्ताक्षर और आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, तब तक स्थिति को पूरी तरह सामान्य मानना जल्दबाजी होगी।
अभी भी बनी हुई है अनिश्चितता
फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों ओर से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, लेकिन समझौते की अंतिम घोषणा का इंतजार है। दुनिया भर के निवेशकों, ऊर्जा बाजारों और कूटनीतिक हलकों की नजर अब इस संभावित समझौते पर टिकी हुई है, जो मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।


