जिंदल पावर में विषेशज्ञों द्वारा चार नए श्रम कानूनों की दी गई जानकारी
विभिन्न कंपनियों के कर्मचारी व ठेका श्रमिक हुए षामिल
16 जून रायगढ़। चार नए श्रम कानूनों की जानकारी देने के लिए जिंदल पाॅवर द्वारा वर्कषाॅप का आयोजन गारेपेलमा मांइस में किया गया। इस वर्कषाॅप में विभिन्न कंपनियों के कर्मचारी व ठेका श्रमिक षामिल हुए। नए श्रम कानूनों के बारे में जानकर उन्हें लाभ हुआ।
ज्ञात हो पूर्व में 29 प्रकार के श्रम कानून प्रचलित थे। इन सभी 29 पुराने और जटिल श्रम कानूनों को सरल बनाकर भारत सरकार द्वारा चार नए लेबर कोड बनाए गए हैं। इन कानूनों का मुख्य उद्देष्य कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और बेहतर वेतन देना है। वर्कषाॅप का मुख्य उद्देष्य अधिकारियों, एचआर पेषेवरों, व्यावसायिक सहयोगियों एवं परिचालन से जुड़े हितधारकों के बीच बदलते श्रम कानून ढांचे के प्रति जागरूकता एवं समझ को बढ़ाना था। कार्यषाला में बिलासपुर क्षेत्रीय श्रम आयुक्त(केंद्रीय) प्रवीण कुमार तथा श्रम प्रवर्तन अधिकारी (केंद्रीय) अभिशेक सिंह चैहान उपस्थित रहे। तकनीकी सत्र के दौरान विषेशज्ञों ने नए चारों श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों, उसके उद्देष्य एवं अनुपालन संबंधी आवष्यकताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्र्रम में गारेपेलमा माइंस 4/2/3 के वाइस प्रेसीडेंट श्री गोविंद कुमार, माइंस मैनेजर गारेपेलमा 4/1 सुधीर कुमार चैधरी, सीएचआरओ जिंदल पाॅवर आषीश कुमार माइंस एवं सीपीपी एचआर हेड संतोश कुमार द्विवेदी, सीएचआरओ जिंदल सीमेंट षिषिर षुक्ला माइंस मैनेजर जीपी 4/6 श्री खेडिया, एचआर हेड झज्जरसुश्री गुरप्रीत कौर आदि उपस्थित थे। इनके अलावा विभिन्न कंपनियों हिंडालको, षारडा एनर्जी, अडाणी, अंबुजा सीमेंट, जिंदल स्टील एवं जिंदल सीमेंट सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिश्ठानों के कर्मचारी व ठेका श्रमिक षामिल हुए।
इन बिन्दुओं पर की गई चर्चा
वर्कषाॅप में प्रमुख रूप् से श्रमिकों के कल्याण को सुदृढ़ करने, सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करना तथा नियोक्ता और कर्मचारियों के संबंधों को अधिक पारदर्षी और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।



