राष्ट्रीय पठन दिवस पर ओ.पी. जिंदल स्कूल में पुस्तकों के प्रति जागरूकता का संदेश
विद्यार्थियों ने लिया नियमित पठन का संकल्प, ग्रीटिंग कार्ड बनाकर दिया पढ़ने का संदेश
तमनार। राष्ट्रीय पठन दिवस (National Reading Day) के अवसर पर ओ.पी. जिंदल स्कूल, सावित्री नगर तमनार में पुस्तकालय विभाग द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण तथा कक्षा तृतीय से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विशेष पठन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने अपनी रुचि अनुसार कहानी, प्रेरणादायक, जीवनी एवं अन्य ज्ञानवर्धक पुस्तकों का अध्ययन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पठन संस्कृति के महत्व पर अपने विचार भी व्यक्त किए और प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए।
विद्यार्थियों ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। नियमित अध्ययन से एकाग्रता, कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का विकास होता है, जो जीवन में सफलता प्राप्त करने में सहायक बनता है।
राष्ट्रीय पठन दिवस के प्रचार-प्रसार और पुस्तकों के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विद्यार्थियों ने आकर्षक ग्रीटिंग कार्ड भी तैयार किए। इन कार्डों के माध्यम से लोगों को पढ़ने की आदत विकसित करने तथा पुस्तकों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पठन दिवस की शपथ लेते हुए नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने और दूसरों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री राकेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकें हमारी सच्ची मित्र हैं, जो ज्ञान, संस्कार और सफलता का मार्ग प्रशस्त करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
वहीं विद्यालय के लाइब्रेरियन महेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों का झुकाव मोबाइल फोन, वीडियो गेम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इनके अत्यधिक उपयोग से शारीरिक, मानसिक और सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे समय में पुस्तकों के अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें बच्चों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों और रचनात्मक सोच के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करना, पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाना तथा डिजिटल युग में पठन संस्कृति के महत्व को रेखांकित करना था। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों ने उत्साह, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता का परिचय दिया।
“आज का पाठक, कल का नेता” के संदेश के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



