कोरिया तिहरे हत्याकांड: सरेंडर करने वाले 5 आरोपियों को जेल, पुलिस ने निकाला जुलूस

कोरिया।

[img-slider id="274450"]
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन विवाद से जुड़े चर्चित तिहरे हत्याकांड मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस दौरान पुलिस द्वारा आरोपियों का जुलूस निकाले जाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार, 16 जून की रात नौगई गांव में भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगाए जाने से मौत हो गई थी। इस घटना में उनके चचेरे भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह तथा एक अन्य घायल की भी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।

पुलिस के अनुसार, चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। वहीं शनिवार को मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, अमन और आशुतोष त्रिपाठी ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके अलावा नामजद आरोपी गौरव त्रिपाठी को खड़गवां क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेजने के आदेश जारी हुए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पटना क्षेत्र ले जाकर सार्वजनिक मार्ग पर जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपियों से “जुर्म करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है” जैसे नारे भी लगवाए गए।

पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। भरतपुर-सोनहत के पूर्व विधायक गुलाब सिंह कमरो ने कहा कि घटना सोनहत क्षेत्र की है और न्यायालयीन प्रक्रिया बैकुंठपुर में हुई, ऐसे में पटना में जुलूस निकालने का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास होने का भी आरोप लगाया।

उधर, करणी सेना ने आरोपियों की गिरफ्तारी का स्वागत करते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेत खनन और अवैध वसूली को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।

फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

Back to top button