इलाज के दौरान कर्मचारी की मौत, परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन, मुआवजे और नौकरी की मांग

महासमुंद। जिले के ग्राम बेलसोंडा स्थित शिवालिक इंजीनियरिंग इंडस्ट्री लिमिटेड (शिवालिक स्टील प्लांट) के कर्मचारी रमेश कुमार जांगड़े (50) की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने प्लांट के मुख्य गेट पर शव रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन मृतक के परिवार को मुआवजा, आश्रित को नौकरी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार ग्राम नांदगांव निवासी रमेश कुमार जांगड़े कंपनी की स्थापना के समय से ही प्लांट में कार्यरत थे। वे परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी।

परिजनों का आरोप है कि 22 मार्च 2026 की रात नाइट शिफ्ट के दौरान मेटल गलाने के काम के समय गर्म धातु के कण उनकी आंखों में चले गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने उन्हें रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का कहना है कि दुर्घटना की जानकारी उन्हें तत्काल नहीं दी गई और बाद में केवल आंख में चोट लगने की सूचना दी गई।

परिवार के अनुसार प्रारंभिक उपचार के बाद रमेश की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उन्हें रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब तीन माह तक उपचार चला। 22 जून 2026 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृत्यु के बाद परिजन शव लेकर शिवालिक स्टील प्लांट पहुंचे और मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर हादसा होने के बावजूद कंपनी प्रबंधन उचित मुआवजा देने को तैयार नहीं है। परिजनों ने मृतक के आश्रित को नौकरी, आर्थिक सहायता और दुर्घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

रमेश जांगड़े अपने पीछे पत्नी भानमती जांगड़े, तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिजनों का कहना है कि उनकी मृत्यु के बाद परिवार के सामने आजीविका और बच्चों की पढ़ाई का संकट खड़ा हो गया है।

घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे तथा परिजनों और कंपनी प्रबंधन से चर्चा की। फिलहाल परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और मामले के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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