पीएनबी बैंक धोखाधड़ी मामले में तीन और आरोपी गिरफ्तार, 30.67 लाख रुपये की हेराफेरी का खुलासा
नारायणपुर।
मामले में थाना नारायणपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। प्रकरण की शुरुआत 5 फरवरी 2026 को बैंक की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट और शाखा प्रबंधक की शिकायत के आधार पर हुई थी।
जांच में सामने आया कि बैंक में पदस्थ एक कर्मचारी ने कथित रूप से रिकवरी एजेंट और बीसी सेंटर संचालकों के साथ मिलकर निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय किया। इसके बाद खाताधारकों की जानकारी के बिना आधार लिंकिंग, फर्जी केवाईसी और अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर खातों से रकम निकाली गई।
पुलिस के अनुसार 17 अगस्त 2024 से शुरू हुई इस कथित धोखाधड़ी में 18 खातों से करीब 8.92 लाख रुपये की फर्जी निकासी का पता चला। जांच में यह भी सामने आया कि विभिन्न बीसी सेंटरों के माध्यम से बड़ी मात्रा में राशि निकाली गई और कुछ रकम परिचितों के खातों में भी ट्रांसफर की गई।
अब तक की जांच में बैंक रिकॉर्ड, खातों से संबंधित दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं। मामले में पहले दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी।
विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 23 जून को अशोक जैन (30), सुनैना समुंद (24) और रामकरण साहू (33) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उनके पास से बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है तथा वित्तीय लेन-देन की विस्तृत पड़ताल जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आर्थिक अपराध में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।



