मुंगेली: नल-जल योजना से चोरी हुए 24 डीआई पाइप बरामद, अंतर्राज्यीय चोरी का खुलासा
मध्यप्रदेश से एक आरोपी गिरफ्तार, लाखों रुपये के पाइप बरामद; अन्य आरोपियों की तलाश जारी
मुंगेली। मुंगेली पुलिस ने शासकीय नल-जल योजना के निर्माण स्थल से चोरी हुए लाखों रुपये मूल्य के डीआई पाइप बरामद करते हुए अंतर्राज्यीय चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के अनुपपुर जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को न्यायालय के आदेश पर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
निर्माण स्थल से चोरी हुए थे 24 डीआई पाइप
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी बालगा भास्कर राव ने 26 जून को थाना लोरमी में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम गोडखाम्ही नहर रोड स्थित नल-जल योजना के निर्माण स्थल पर रखे 30 डीआई पाइपों में से 24 पाइप चोरी हो गए हैं। चोरी गए पाइपों की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई। शिकायत के आधार पर थाना लोरमी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
कबाड़ी दुकान से बरामद हुए चोरी के पाइप
जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी किए गए पाइप मध्यप्रदेश के अनुपपुर-शहडोल मार्ग स्थित कुदौली के एक कबाड़ी दुकान में बेचे गए हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर कबाड़ी दुकान संचालक अनुज कुमार नामदेव (20), निवासी पोड़ी, जिला अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने चोरी के पाइप खरीदने की बात स्वीकार की।
आरोपी गिरफ्तार, मोटरसाइकिल भी जब्त
पुलिस ने कबाड़ी दुकान से चोरी के डीआई पाइप बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। जांच में यह भी सामने आया कि एक विधि से संघर्षरत बालक ने चोरी के पाइप ट्रक में लोड कर बिक्री के लिए भेजने में भूमिका निभाई थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त कर बालक को बाल संप्रेषण गृह भेज दिया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है तथा पूरे प्रकरण की विवेचना जारी है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत छाबड़ा तथा उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी लोरमी निरीक्षक अखिलेश वैष्णव, उपनिरीक्षक अमित गुप्ता, प्रधान आरक्षक दयाल गवास्कर एवं पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


