रायगढ़ : जल जीवन मिशन में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, 6 ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त करने और कानूनी कार्रवाई के दिए निर्देश

रायगढ़: ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ के कार्यों में देरी को लेकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक में उन्होंने समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं करने वाले 6 ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

लापरवाह ठेकेदारों पर गाज

बैठक के दौरान कलेक्टर ने पाया कि कई ठेकेदार लंबे समय से कार्य बंद रखे हुए हैं, जिससे परियोजनाओं की प्रगति बाधित हो रही है। इस पर उन्होंने निम्नलिखित फर्मों के अनुबंध तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए:

  • मेसर्स संतोष कुमार तिवारी
  • मेसर्स आशीष ट्रेडर्स एंड कंस्ट्रक्शन
  • मेसर्स माला मोहन बिल्डर्स
  • मेसर्स महामाया कंस्ट्रक्शन
  • मेसर्स आदिशक्ति इंटरप्राइजेस
  • मेसर्स ध्रवा इंटरप्राइजेस

महत्वपूर्ण समीक्षा के बिंदु

कलेक्टर ने ‘जल जीवन मिशन 2.0’, थर्ड पार्टी जांच और एसएनए स्पर्श पोर्टल से जुड़ी प्रक्रियाओं की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में निर्देश दिए गए कि पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग और वित्तीय प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जाए ताकि योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे।

जियो-मैपिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर जोर

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर ने जिले के सभी शेष ग्रामों में केएमएल (KML) फाइल तैयार कर उन्हें पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इससे योजनाओं का सटीक भौगोलिक मानचित्रण (जियो-मैपिंग) और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सकेगी।


बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता प्रतिभा नवरतन सहित विभागीय अधिकारी और मिशन से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ शासन द्वारा निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।

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