बिलासपुर: मूसलाधार बारिश से बेहाल ‘न्यायधानी’; बस्तियां जलमग्न, राहत-बचाव कार्य जारी
बिलासपुर: बिलासपुर में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर के निचले इलाकों, कॉलोनियों और बस्तियों में पानी भर जाने से कई परिवार अपने घरों में फंस गए हैं। 1993-94 के बाद शहर में पहली बार इतनी गंभीर जलभराव की स्थिति देखी जा रही है।
बाढ़ जैसी स्थिति और प्रभावित क्षेत्र
- दोमहानी क्षेत्र: सबसे विकट स्थिति यहाँ बनी है, जहाँ 10 से अधिक मकान पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गए। परिवार रातभर सुरक्षित निकलने की उम्मीद में फंसे रहे।
- सरकंडा (बंधवापारा): यहाँ भी घरों में पानी घुसने के कारण स्थानीय निवासियों को मजबूरन अपने मकान छोड़ने पड़े।
- चेक डैम नहर का टूटना: मानिकपुर के पास अरपा चेक डैम की नहर टूटने से गांव में तेजी से पानी का बहाव हुआ, जिससे देवरीखुर्द और मानिकपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
प्रशासन की सक्रियता और राहत कार्य
सूचना मिलने पर जिला प्रशासन और राहत दल (NDRF/SDRF) ने प्रभावित क्षेत्रों में मोर्चा संभाल लिया है। बचाव दल फंसे हुए परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। भारी बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी ठप है, जिससे नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
व्यवस्था पर उठे सवाल
नगर निगम के जलभराव न होने के तमाम दावों की पोल पहली ही भारी बारिश ने खोल दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल निकासी की लचर व्यवस्था के कारण आज शहर को बाढ़ जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी की है:
- नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास बिल्कुल न जाएं।
- किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला प्रशासन या राहत कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
- अफवाहों से बचें और सुरक्षित स्थानों पर बने रहने का प्रयास करें।
प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जलस्तर की मॉनिटरिंग की जा रही है।



