रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया प्रधान आरक्षक, एसीबी ने की कार्रवाई
वाहन सुपुर्दगी और दस्तावेज देने के नाम पर मांगे थे 10 हजार रुपये, ट्रैप में हुआ गिरफ्तार
बस्तर, 23 जुलाई। जगदलपुर के कोड़ेनार थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
वाहन सुपुर्दगी के नाम पर मांगी थी रिश्वत
एसीबी के अनुसार, कोड़ेनार निवासी बंगालू यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने कृषि कार्य के लिए अपने नाम से आयशर ट्रैक्टर खरीदा था, जिसे गांव के एक व्यक्ति को घरेलू उपयोग के लिए चलाने दिया गया था। वर्ष 2025 में ट्रैक्टर से हुई दुर्घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया था, जिसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। इस मामले की जांच प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू कर रहे थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि ट्रैक्टर के दस्तावेज उपलब्ध कराने और वाहन को सुपुर्दनामा पर छोड़ने के बदले प्रधान आरक्षक ने 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
सत्यापन के बाद बिछाया जाल
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने 23 जुलाई को ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई जारी है।



