जांजगीर-चांपा : डोमिनोज फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 2.65 लाख की साइबर ठगी, दिल्ली से आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गूगल पर फर्जी नंबर डालकर लोगों को बनाता था निशाना, कई राज्यों में भी शिकायतें

जांजगीर-चांपा। डोमिनोज फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 2.65 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में अकलतरा पुलिस ने दिल्ली निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी गूगल सर्च पर फर्जी संपर्क नंबरों के माध्यम से खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से फ्रेंचाइजी के नाम पर रकम वसूलता था। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

फ्रेंचाइजी के लिए आवेदन के बाद आया फोन

पुलिस के मुताबिक, अकलतरा निवासी संस्कार अग्रवाल (24) ने डोमिनोज की फ्रेंचाइजी लेने के लिए गूगल क्रोम के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया था। कुछ समय बाद उन्हें निखिल तिवारी नाम से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए फ्रेंचाइजी पंजीयन के लिए 2.65 लाख रुपये जमा कराने को कहा।

रकम जमा करने के बाद हुआ ठगी का खुलासा

पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को प्रार्थी ने अपने बैंक खाते से आरोपी द्वारा बताए गए खाते में 2,65,500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में डोमिनोज के स्टेट हेड से संपर्क करने पर पता चला कि उनके नाम से कोई फ्रेंचाइजी पंजीकृत ही नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

बैंक खाते से आरोपी तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस ने जिस बैंक खाते में रकम भेजी गई थी, उसकी जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, यह खाता ललित कश्यप (40) निवासी ग्राम लाकड़ीपुर, थाना मझोला, जिला मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश), वर्तमान पता पुल प्रहलादपुर, दिल्ली के नाम पर संचालित पाया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बैंक स्टेटमेंट और पासबुक सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए।

पूछताछ में स्वीकार किया रकम लेना

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने डोमिनोज फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर संस्कार अग्रवाल से रकम लेने की बात स्वीकार की। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ जबलपुर साइबर थाना में भी इसी तरह की 2.65 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज है। इसके अलावा उसके बैंक खाते पर विभिन्न राज्यों से मिली साइबर ठगी की शिकायतों के आधार पर होल्ड लगाया गया है।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

जांजगीर-चांपा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि गूगल सर्च में मिले किसी भी मोबाइल नंबर को कंपनी का अधिकृत नंबर मानकर भरोसा न करें। पुलिस के अनुसार, साइबर ठग बड़ी कंपनियों के नाम पर फर्जी वेबसाइट और मोबाइल नंबर बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।

ऑनलाइन ठगी होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है।

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