रायगढ़ में जल्द लगेगा ‘कॉइन मेला’, चिल्लर की समस्या दूर करने कैट ने एसबीआई को सौंपा प्रस्ताव
छोटे सिक्कों की उपलब्धता बढ़ाने की पहल, व्यापारियों और आम नागरिकों को मिलेगी राहत
रायगढ़। शहर में लंबे समय से बनी छोटे सिक्कों (चिल्लर) की कमी की समस्या के समाधान के लिए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने पहल की है। कैट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के करेंसी चेस्ट प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर रायगढ़ में ‘कॉइन मेला’ आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है। इस पहल का उद्देश्य व्यापारियों और आम नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में छोटे मूल्यवर्ग के सिक्के उपलब्ध कराना है।
चिल्लर की कमी से व्यापारियों और ग्राहकों को राहत
कैट ने ज्ञापन में बताया कि बाजार में एक, दो, पांच, दस और बीस रुपये के सिक्कों की कमी के कारण रोजमर्रा के लेन-देन में परेशानी हो रही है। कॉइन मेले के आयोजन से व्यापारियों, छोटे दुकानदारों, ठेला संचालकों और आम नागरिकों को आवश्यकतानुसार सिक्के उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे नकद लेन-देन अधिक सुगम होगा।
त्योहारी सीजन से पहले होगी सुविधा
कैट का कहना है कि आगामी त्योहारों के दौरान बाजारों में लेन-देन बढ़ जाता है। ऐसे समय में यदि पर्याप्त मात्रा में सिक्के उपलब्ध होंगे तो व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को छुट्टे पैसों की समस्या से राहत मिलेगी और नकदी प्रबंधन भी बेहतर होगा।
एसबीआई से मांगा सहयोग
संस्था ने एसबीआई के करेंसी चेस्ट प्रबंधन से कॉइन मेले के आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति और सहयोग देने का आग्रह किया है। साथ ही आयोजन की तिथि, समय और उपलब्ध कराए जाने वाले सिक्कों की मात्रा की जानकारी जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जा सके।
व्यापारियों ने जताया समर्थन
ज्ञापन सौंपने के दौरान कैट के कई पदाधिकारी और शहर के प्रमुख व्यापारी उपस्थित रहे। इनमें रामनिवास मोड़ा, पवन बसंतानी, संतोष अग्रवाल, किशोर तलरेजा, महेश जेठानी, मनीष उदासी, सुनील अग्रवाल, संजय रातेरिया, रवि सूखेजा, कमलेश मोटवानी, प्रमोद अग्रवाल, सत्यराम साहू, हितेश बत्ता, सुरेश रोड़ा, भारत बलेचा, त्रिलोक आहूजा, अभिषेक गुप्ता, विजय खत्री और प्रकाश मेहनी शामिल थे।
बैंकिंग सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की पहल
कैट ने विश्वास जताया कि एसबीआई के सहयोग से प्रस्तावित कॉइन मेला शहर में चिल्लर की समस्या का प्रभावी समाधान साबित होगा। संस्था का कहना है कि इस पहल से बैंकिंग सेवाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों और व्यापारी वर्ग तक पहुंचेगा तथा स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।


