सावन 2026 : आज सावन का पहला सोमवार, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व

भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष दिन, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का है विशेष महत्व

नई दिल्ली। आज 3 अगस्त 2026 (सोमवार) को सावन माह का पहला सोमवार है। भगवान शिव को समर्पित सावन के पहले सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई शिव आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पूजा के लिए शुभ समय

धार्मिक पंचांग के अनुसार आज पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं—

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
  • प्रातः पूजा मुहूर्त: सुबह 5:43 बजे से 7:25 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 6:52 बजे से 8:40 बजे तक

वहीं राहुकाल सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक रहेगा, इसलिए इस अवधि में शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।

पूजा की विधि

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव का जल, गंगाजल, दूध या पंचामृत से अभिषेक करें। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भस्म, आक के पुष्प और फल अर्पित करें। इसके बाद धूप-दीप जलाकर “ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का जप करें तथा शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें। अंत में भगवान शिव की आरती कर प्रसाद वितरित करें।

सावन सोमवार का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस महीने के सोमवार को व्रत और पूजा करने से सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। अविवाहित श्रद्धालु मनचाहे जीवनसाथी की कामना से तथा विवाहित दंपति दांपत्य सुख और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखते हैं।

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