बांग्लादेश : चिन्मय कृष्ण दास को जमानत मिली, फिर भी जेल से नहीं होंगे रिहा

अन्य लंबित मामलों के कारण फिलहाल जेल में ही रहेंगे, दो और जमानत याचिकाओं पर सुनवाई बाकी

ढाका। बांग्लादेश हाईकोर्ट ने हिंदू धार्मिक नेता और अल्पसंख्यक अधिकारों की आवाज़ माने जाने वाले चिन्मय कृष्ण दास को दो आपराधिक मामलों में जमानत दे दी है। हालांकि, जमानत मिलने के बावजूद उन्हें फिलहाल जेल से रिहाई नहीं मिलेगी, क्योंकि उनके खिलाफ अन्य मामले अभी भी लंबित हैं।

जेल से रिहाई क्यों नहीं होगी?

चिन्मय कृष्ण दास के वकील के अनुसार, उनके खिलाफ कुल छह मामले दर्ज हैं। इनमें से उन्हें अब तक तीन मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन शेष मामलों में अभी कानूनी प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, राजद्रोह (Sedition) से जुड़े मामले में पहले मिली जमानत पर बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट की अपीलीय पीठ ने रोक लगा रखी है। यही कारण है कि उन्हें तत्काल रिहा नहीं किया जा सकता।

दो अन्य मामलों की सुनवाई 16 अगस्त को

हाईकोर्ट ने दो अन्य लंबित जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 16 अगस्त की तारीख तय की है। इन मामलों में अदालत के फैसले के बाद ही उनकी रिहाई की संभावना पर स्थिति स्पष्ट होगी।

2024 में हुई थी गिरफ्तारी

चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर 2024 को बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया था। उन पर राजद्रोह सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन हुए थे और इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया था।

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