RTI मामले में पंचायत सचिव को नोटिस, प्रथम अपील में अलग जानकारी देने की शिकायत पर जवाब तलब

रायगढ़, 14 अगस्त। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी से जुड़े मामले में ग्राम पंचायत सियारपाली के जनसूचना अधिकारी एवं पंचायत सचिव को जिला पंचायत कार्यालय ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रथम अपील की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत जानकारी और आवेदक को भेजे गए पत्राचार में कथित विरोधाभास को लेकर यह कार्रवाई की गई है। संबंधित अधिकारी से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मामला रायगढ़ के पत्रकार प्रकाश थवाईत द्वारा ग्राम पंचायत सियारपाली से RTI के तहत मांगी गई जानकारी से संबंधित है। निर्धारित समय में जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने सीईओ, जनपद पंचायत रायगढ़ के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत की थी।

सुनवाई से पहले जानकारी देने के थे निर्देश

प्रथम अपील पर सुनवाई के दौरान जनपद पंचायत कार्यालय ने 1 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत सियारपाली के जनसूचना अधिकारी को निर्देश दिए थे कि सुनवाई से पहले आवेदक को मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराकर उसकी पावती प्रस्तुत की जाए। ऐसा नहीं होने पर 9 जुलाई को संबंधित दस्तावेजों के साथ सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।

सुनवाई में दी गई जानकारी और पत्राचार में अंतर

आवेदक की शिकायत के अनुसार, 9 जुलाई को हुई प्रथम अपील की सुनवाई में जनसूचना अधिकारी की ओर से लिखित रूप में बताया गया कि मांगी गई जानकारी 5 जुलाई को डाक के माध्यम से आवेदक को भेज दी गई थी

दूसरी ओर, उपलब्ध पत्राचार में पंचायत सचिव की ओर से 7 जुलाई को आवेदक को पंचायत कार्यालय में उपस्थित होकर दस्तावेजों का अवलोकन करने और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद जानकारी प्राप्त करने के लिए कहा गया था।

आवेदक ने इस पर RTI अधिनियम के तहत निर्धारित समयसीमा में सूचना उपलब्ध नहीं होने पर उसे निःशुल्क दिए जाने के प्रावधान का हवाला देते हुए जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। इसके बावजूद शुल्क जमा कर सूचना लेने के लिए पत्र भेजे जाने की बात शिकायत में कही गई है।

इसी आधार पर आवेदक ने प्रथम अपील में दिए गए कथन और उसके साथ किए गए पत्राचार में अंतर होने की शिकायत जिला पंचायत स्तर पर की।

पंचायत सेवा नियमों का भी हवाला

शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत सीईओ कार्यालय ने जारी नोटिस में संबंधित पंचायत सचिव के आचरण को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 के नियम 3 के उपनियम (1) के खंड (एक), (दो) एवं (तीन) के विपरीत बताया है। नोटिस में इसे कदाचरण की श्रेणी में आने का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के तहत दंडनीय बताया गया है।

अधिकारी को तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर विभागीय स्तर पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

अब जवाब पर निर्भर होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना बाकी है। कारण बताओ नोटिस के बाद उनके स्पष्टीकरण और विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

RTI के तहत सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा का पालन महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रथम अपील की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत जानकारी और आवेदक के साथ हुए पत्राचार में कथित अंतर को लेकर जारी नोटिस के बाद अब विभागीय कार्रवाई पर नजर है।

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