ऐतिहासिक टाउन हॉल के संरक्षण के साथ नगर निगम के नए कार्यालय की व्यवस्था पर आज से हो मंथन

रायगढ़। रायगढ़ का ऐतिहासिक टाउन हॉल केवल एक भवन नहीं, बल्कि शहर के गौरवशाली इतिहास और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उपलब्ध ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार इस भवन का भूमिपूजन 20 जून 1929 को तथा लोकार्पण 24 जनवरी 1931 को हुआ था। इसके बाद 3 जुलाई 1945 से 31 दिसंबर 1947 तक यहां हाईकोर्ट भी संचालित हुआ। ऐसे ऐतिहासिक भवन को पुरातत्व विभाग को सौंपकर संरक्षित किया जाना रायगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

वर्तमान में इसी ऐतिहासिक भवन में नगर निगम रायगढ़ का कार्यालय संचालित हो रहा है। ऐसे में टाउन हॉल के पुरातत्व विभाग को हस्तांतरण के बाद नगर निगम कार्यालय कहां संचालित होगा, यह महत्वपूर्ण सवाल है।

नगर निगम शहर के स्थानीय शासन का प्रमुख केंद्र है। महापौर, पार्षद, अधिकारी-कर्मचारी और विभिन्न विभागों के कार्यालयों के अलावा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, कर संबंधी कार्य, भवन अनुज्ञा, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, जल व्यवस्था सहित अनेक जनसेवाओं के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक यहां पहुंचते हैं।

आज से शुरू हो वैकल्पिक स्थल की तलाश

केवल टाउन हॉल खाली करने की स्थिति आने तक इंतजार करने के बजाय नगर निगम के लिए वैकल्पिक और स्थायी स्थल की तलाश एवं चयन की प्रक्रिया अभी से शुरू की जानी चाहिए।

नए स्थल के चयन में यह ध्यान रखना जरूरी होगा कि वह नागरिकों के लिए आसानी से पहुंच योग्य हो। साथ ही पर्याप्त भूमि, पार्किंग, जनसुविधा केंद्र, सभाकक्ष और भविष्य में कार्यालय के विस्तार के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो।

रायगढ़ शहर लगातार विस्तार की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में नगर निगम के लिए ऐसा कार्यालय परिसर तैयार किया जाना चाहिए, जो आने वाले कई दशकों की जरूरतों को पूरा कर सके। बार-बार अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय दूरदर्शिता के साथ स्थायी समाधान तैयार करना समय की आवश्यकता है।

विरासत के संरक्षण के साथ भविष्य की भी हो तैयारी

ऐतिहासिक टाउन हॉल को पुरातत्व विभाग को सौंपकर उसकी ऐतिहासिक पहचान और विरासत को संरक्षित किया जाना चाहिए। साथ ही नगर निगम के भविष्य के कार्यालय को लेकर भी स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाना जरूरी है।

मेरा आग्रह है कि नगर निगम, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस विषय पर तत्काल बैठक आयोजित कर वैकल्पिक स्थल के चयन की प्रक्रिया प्रारंभ करें, ताकि टाउन हॉल के हस्तांतरण के समय नगर निगम के सामने कार्यालय संचालन को लेकर किसी प्रकार की असमंजस या अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो।

विरासत भी बचे और शहर का भविष्य भी सुरक्षित रहे—इसी सोच के साथ आज से ही योजना बनाना जरूरी है।

Back to top button