बेमेतरा प्रकरण के विरोध में रायगढ़ में NHM कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, बारिश के बीच निकाली गई विशाल रैली
रायगढ़ (छत्तीसगढ़), 18 अगस्त 2026: बेमेतरा जिले में महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के साथ कथित दुर्व्यवहार, अमर्यादित आचरण और मानसिक-आर्थिक उत्पीड़न के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम. कर्मचारी संघ (जिला इकाई रायगढ़) के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों ने एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के बावजूद कर्मचारियों का हौसला नहीं डगमगाया और उन्होंने शहीद कर्नल बिप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम से कलेक्ट्रेट परिसर तक एक विशाल व अनुशासित पैदल रैली निकाली।
मुख्य बिंदु और आरोप
कलेक्ट्रेट पहुंचकर संघ के सदस्यों ने सभा और मीडिया संवाद किया। इसके बाद, छत्तीसगढ़ शासन के माननीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर धनराज मरकाम को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बेमेतरा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के विरुद्ध गंभीर व अशोभनीय आचरण के मामले सामने आए हैं:
- अमर्यादित टिप्पणियां: शासकीय बैठकों के दौरान महिला कर्मचारियों के समक्ष देश के माननीय प्रधानमंत्री जी के नाम का अनुचित संदर्भ लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
- मानसिक प्रताड़ना: लेजर लाइट डालकर महिलाओं को सार्वजनिक रूप से असहज करने और अवांछित शारीरिक स्पर्श व अमर्यादित व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं।
- प्रशासनिक दबाव: मनमाने तरीके से वेतन रोकने, सेवा समाप्ति और एफआईआर दर्ज कराने जैसी धमकियां देने का भी आरोप है।
एन.एच.एम. संघ की प्रमुख मांगें
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी, जिला अध्यक्ष शकुंतला एक्का और सी.एच.ओ. संघ के जिलाध्यक्ष संदीप मिंज ने संयुक्त रूप से कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि है। जब तक मामले की उच्च स्तरीय जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए CMHO बेमेतरा को तत्काल पद से हटाया या अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।
संघ की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
- प्रधानमंत्री जी के संदर्भ में की गई कथित अभद्र टिप्पणी और महिला उत्पीड़न के सभी आरोपों की स्वतंत्र व उच्च स्तरीय जांच हो।
- मामलों की जांच POSH Act, 2013 एवं विशाखा गाइडलाइंस के कड़े प्रावधानों के तहत की जाए।
- नियमविरुद्ध रोके गए वेतन और इंसेंटिव (PLP) का त्वरित भुगतान किया जाए।
- कर्मचारियों से केवल निर्धारित TOR (Terms of Reference) के अंतर्गत ही कार्य लिया जाए।
- दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।
नारा: “महिला कर्मचारियों के सम्मान में — एन.एच.एम. संघ मैदान में!” और “निष्पक्ष जाँच — हमारा अधिकार, महिला सम्मान — हमारी प्राथमिकता।”











