दुर्ग-धमतरी के बाद बलरामपुर में ED की दस्तक, अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया से पूछताछ

दो वाहनों से पहुंची ED की टीम, सर्किट हाउस में चल रही पूछताछ; कार्रवाई के कारण पर अभी आधिकारिक जानकारी नहीं

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में हैं। दुर्ग और धमतरी के बाद अब बलरामपुर में ED की टीम पहुंची है, जहां अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया से पूछताछ की जा रही है।

दो वाहनों से सर्किट हाउस पहुंची टीम

जानकारी के मुताबिक, ED की टीम सुबह दो वाहनों से बलरामपुर पहुंची। टीम सीधे सर्किट हाउस गई, जहां अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया को बुलाकर पूछताछ शुरू की गई। कार्रवाई को देखते हुए सर्किट हाउस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।

भूपेश बघेल सरकार के दौरान OSD रह चुके हैं चेतन बोरघारिया

चेतन बोरघारिया पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में भी काम कर चुके हैं। वर्तमान में वे बलरामपुर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। उनके साथ ED की पूछताछ की खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

किस मामले में हुई कार्रवाई, स्थिति स्पष्ट नहीं

फिलहाल ED की इस कार्रवाई का किस मामले या जांच से संबंध है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसी की ओर से भी पूछताछ के कारण या जांच के दायरे को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए कार्रवाई को किसी विशेष मामले से जोड़कर निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।

धमतरी में भी जांच की जानकारी

बलरामपुर की कार्रवाई से पहले धमतरी में भी ED की टीम चेतन बोरघारिया के घर पहुंची थी। वहां टीम द्वारा दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

दुर्ग में भी ED ने की थी कार्रवाई

इसी दौरान दुर्ग में भी ED की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर जांच की। पुरानी भिलाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन PA के.के. चंद्रवंशी के घर पर दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी है। इसके अलावा सिकोल भांटा में रिटायर्ड पटवारी कमलेश राजूपत के निवास पर भी टीम पहुंची थी।

फिलहाल बलरामपुर, धमतरी और दुर्ग में हुई इन कार्रवाइयों को लेकर ED की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कार्रवाई का वास्तविक दायरा क्या है और किन तथ्यों की जांच की जा रही है।

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