रायगढ़: चिटफंड कंपनी का फरार डायरेक्टर जशपुर से गिरफ्तार, निवेशकों से लाखों रुपये जमा कराने का आरोप

कम समय में रकम बढ़ाने का झांसा देकर कराई थी निवेश, कंपनी बंद होने के बाद फरार था आरोपी

रायगढ़। चिटफंड मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी डायरेक्टर को घरघोड़ा पुलिस ने जशपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुनील तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कंपनी से जुड़े मामले में निवेशकों से रकम जमा कराई गई थी, लेकिन बाद में कंपनी बंद होने के बाद निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं मिली।

ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत पुलिस की कार्रवाई

फरार आरोपियों और लंबित वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत घरघोड़ा पुलिस को सुनील तिवारी के जशपुर में होने की सूचना मिली थी।

सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे जशपुर से अभिरक्षा में लिया और घरघोड़ा थाना लाया। पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।

कम समय में ज्यादा रकम देने का दिया गया था भरोसा

मामला वर्ष 2017 में सामने आया था। शिकायत के अनुसार नवापारा घरघोड़ा में ‘शुष्क इंडिया लिमिटेड’ नाम से कंपनी के माध्यम से लोगों से निवेश कराया जा रहा था। निवेशकों को कम समय में अधिक रकम मिलने का भरोसा देकर मासिक जमा और फिक्स डिपॉजिट के रूप में पैसे लिए गए।

शिकायतकर्ता समेत क्षेत्र के कई लोगों ने कंपनी में नियमित रूप से राशि जमा की थी। निवेशकों को इसके बदले बांड पेपर भी दिए गए थे।

कंपनी बंद होने के बाद निवेशकों की रकम नहीं मिली

पुलिस के मुताबिक वर्ष 2016 के दौरान कंपनी से जुड़े संचालक के क्षेत्र से चले जाने के बाद निवेशकों ने अपनी जमा राशि वापस मांगनी शुरू की। इस दौरान कंपनी बंद होने और उसके खिलाफ मामला चलने का हवाला देकर रकम लौटाने से इनकार किए जाने की शिकायत सामने आई।

इसके बाद निवेशकों की शिकायत पर घरघोड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया।

2017 में दर्ज हुआ था मामला

पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 61/2017 दर्ज किया था। प्रकरण में धोखाधड़ी, दस्तावेजों से संबंधित अपराध और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान निवेशकों के बयान दर्ज किए गए। उनके पास मौजूद बांड पेपर और कंपनी के कार्यालय से संबंधित सामग्री भी पुलिस ने जब्त की थी।

जांच में सामने आए कंपनी के तीन डायरेक्टर

मामले की आगे की जांच में कंपनी के पंजीकृत डायरेक्टरों की जानकारी हासिल की गई। रिकॉर्ड के आधार पर दिनेश सैनी, नरेंद्र लोधी और सुनील तिवारी के नाम सामने आए।

इनमें दिनेश सैनी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब लंबे समय से फरार चल रहे सुनील तिवारी की गिरफ्तारी की गई है। वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

पुलिस ने निवेशकों के दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले

जांच के दौरान पुलिस ने निवेशकों से संबंधित दस्तावेजों, बांड पेपर और कंपनी से जुड़े रिकॉर्ड को जांच का हिस्सा बनाया। कंपनी के डायरेक्टरों की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज रिकॉर्ड की भी मदद ली गई।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जाएगी।

लंबे समय से फरार आरोपी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में

करीब नौ साल पुराने इस मामले में सुनील तिवारी की गिरफ्तारी को पुलिस की लंबित आरोपियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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