बिहार में बाढ़ का बढ़ा संकट, 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; पटना में गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड
गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
पटना, 7 सितंबर 2026। बिहार में लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य के 12 जिलों में 22.42 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। भारी बारिश और पड़ोसी झारखंड से आ रहे पानी के कारण गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है।
पटना में गंगा ने पार किया पिछला उच्चतम स्तर
पटना के गांधी घाट पर रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से अधिक है। इसके बाद प्रशासन ने निचले इलाकों और गंगा के downstream क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
पंडारक में भी गंगा का जलस्तर पिछले उच्चतम स्तर से ऊपर दर्ज किया गया। प्रशासन ने बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
बाढ़ का असर सिर्फ गंगा तक सीमित नहीं है। गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
12 जिलों की 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित
सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल शामिल हैं। इन जिलों के 70 प्रखंडों और 368 ग्राम पंचायतों तक बाढ़ का असर पहुंचा है।
राहत और बचाव के लिए 1,429 नावें तैनात
प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 1,429 नावें लगाई गई हैं। इसके अलावा 27 SDRF और 10 NDRF टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 190 सामुदायिक रसोई भी संचालित की जा रही हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
रेल सेवाओं पर भी असर
बढ़ते जलस्तर का असर रेल परिचालन पर भी पड़ा है। पटना-गया रेलखंड पर पुनपुन और परसा बाजार के बीच पुल के पास पानी का स्तर बढ़ने के कारण रेलवे ने कुछ ट्रेनों को रद्द और कुछ का मार्ग परिवर्तित किया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को लगातार नदी के जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचने तथा प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।












