नेपाल : भीषण बाढ़ के बाद भी जारी है रेस्क्यू अभियान, 1,400 के पार मौतें; हजारों लोग अब भी लापता

भोटेकोशी क्षेत्र में ग्लेशियर और चट्टानों के खिसकने के बाद आई थी विनाशकारी बाढ़

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान अब भी जारी है। भोटेकोशी-त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई बाढ़ की वजह हिमालयी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बर्फ और चट्टानों के खिसकने की घटना को बताया गया है। इसके बाद कई इलाकों में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव पहुंचा, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ।

मौतों का आंकड़ा 1,400 के करीब पहुंचा

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार 16-17 सितंबर तक 1,400 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं। 17 सितंबर के अपडेट में 1,403 शव बरामद होने और करीब 6,150 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई। आंकड़ों में पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।

हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में भी तलाश

बाढ़ के बाद कई जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। मलबे और पानी के कारण कई कर्मचारी सुरंगों के अंदर फंस गए थे। बचाव दल अब इन सुरंगों में भी अभियान चला रहे हैं।

हाल ही में चिलिमे हाइड्रोपावर प्लांट की सुरंग से चार शव बरामद किए गए। एक अन्य स्थान पर पांच और शव मिलने की सूचना के बाद उन्हें निकालने के लिए उपकरण भेजे गए। इससे पहले कुछ कर्मचारियों को कई दिनों तक सुरंगों में फंसे रहने के बाद जीवित भी निकाला गया था।

हजारों परिवार अब भी अपनों की तलाश में

लापता लोगों की संख्या अधिक होने के कारण प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बनी हुई हैं। कई परिवार सरकार से खोज अभियान तेज करने और लापता लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।

अधिकारियों के सामने शवों की पहचान करना भी बड़ी चुनौती है। डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं ताकि बरामद शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाया जा सके।

मलबे और क्षतिग्रस्त ढांचे से बचाव कार्य मुश्किल

बाढ़ के बाद कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा जमा है। क्षतिग्रस्त सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं का ढांचा राहत एवं बचाव दलों के लिए चुनौती बना हुआ है। पहाड़ी भूभाग के कारण सुरंगों और दुर्गम इलाकों तक पहुंचना भी आसान नहीं है।

नेपाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें हेलीकॉप्टर, ड्रोन और विशेष उपकरणों की मदद से खोज अभियान चला रही हैं।

आपदा से बड़े पैमाने पर नुकसान

बाढ़ ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं और पुनर्निर्माण की लागत अरबों डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। फिलहाल प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, शवों की पहचान, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और जरूरी संपर्क मार्गों को बहाल करने पर है।

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