छत्तीसगढ़ में नकली होलोग्राम से शराब की पहचान बदलने का मामला, कई जिलों में कार्रवाई
रायपुर, 2 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में अवैध शराब के खिलाफ चल रही कार्रवाइयों के दौरान शराब की पैकिंग और पहचान बदलने से जुड़ा मामला सामने आया है। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच राजनांदगांव, डोंगरगढ़, महासमुंद, कांकेर, मोहला, कबीरधाम और सूरजपुर सहित कई जिलों में कार्रवाई के दौरान दूसरे राज्यों की शराब के साथ खाली बोतलें, ढक्कन, लेबल और कथित नकली होलोग्राम बरामद किए गए हैं।
जांच में मध्यप्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से जुड़ी शराब की खेप मिलने की जानकारी सामने आई है। कुछ मामलों में दूसरे राज्यों से लाई गई शराब पर छत्तीसगढ़ से संबंधित लेबल और होलोग्राम लगाने की कोशिश की जांच की जा रही है।
डोंगरगढ़ में सामने आई अहम कड़ी
डोंगरगढ़ क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस को शराब के साथ पैकिंग से संबंधित सामग्री मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। पुलिस के मुताबिक शराब मध्यप्रदेश से लाई जा रही थी, जबकि बोतल, ढक्कन, स्टिकर और होलोग्राम की व्यवस्था अलग-अलग स्थानों से किए जाने की जानकारी सामने आई।
पुलिस जांच में होलोग्राम और स्टिकर दिल्ली, पुणे और नागपुर से लाए जाने की बात भी सामने आई है। इससे जांच एजेंसियां शराब की सप्लाई के साथ-साथ पैकिंग सामग्री की सप्लाई चेन की भी पड़ताल कर रही हैं।
महासमुंद में 3,229 लीटर से ज्यादा शराब जब्त
महासमुंद जिले के सरायपाली में अगस्त में एक वाहन से गोवा की अंग्रेजी शराब की खेप पकड़े जाने के बाद जांच आगे बढ़ी। पुलिस के अनुसार अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 3,229 लीटर से अधिक शराब जब्त की गई। इस मामले में सात आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
जांच के दौरान शराब की बोतलों पर लगे लेबल और होलोग्राम को लेकर भी पड़ताल की गई। पुलिस के मुताबिक इनके फर्जी होने की पुष्टि के बाद पैकिंग सामग्री की सप्लाई से जुड़ी कड़ियों की जांच शुरू की गई।
कांकेर में हजारों बोतलें और ढक्कन बरामद
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में सितंबर में हुई कार्रवाई के दौरान 4,409 खाली बोतल-पौवे, 3,380 ढक्कन और 105 पत्ते स्टिकर-होलोग्राम बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा शराब से भरे पौवे भी जब्त किए गए।
इतनी बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री मिलने के बाद पुलिस इसके स्रोत और संभावित इस्तेमाल की जांच कर रही है।
राजनांदगांव में 9,600 बोतल शराब जब्त
राजनांदगांव और डोंगरगढ़ क्षेत्र में सितंबर के अंतिम दिनों में भी कार्रवाई जारी रही। पुलिस ने करीब 9,600 बोतल अवैध शराब जब्त किए जाने और दो और आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। इस प्रकरण में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 14 बताई गई है। मामले में शराब की सप्लाई, भंडारण और वितरण से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सूरजपुर में भी पैकिंग सामग्री मिली
सूरजपुर में सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई कार्रवाई में एक घर से करीब 12 लीटर मिलावटी शराब, 2,500 नकली ढक्कन और 200 रैपर बरामद किए गए। यहां जांच का फोकस शराब में मिलावट और पैकिंग से जुड़े सामान के इस्तेमाल पर है।
जांच एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती
अलग-अलग जिलों में हुई कार्रवाइयों से अवैध शराब के कारोबार के कई तरीके सामने आए हैं। कहीं दूसरे राज्यों से शराब लाने का मामला है तो कहीं पैकिंग बदलने, लेबल लगाने और कथित नकली होलोग्राम के इस्तेमाल से जुड़ी सामग्री मिली है।
हालांकि, सभी मामलों को एक ही नेटवर्क से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी। अलग-अलग प्रकरणों की जांच जारी है और बरामद सामग्री का वास्तविक इस्तेमाल तथा इसके पीछे शामिल लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
नकली लेबल या होलोग्राम के जरिए शराब की वास्तविक पहचान बदलने की स्थिति में उपभोक्ता के लिए भी जोखिम बढ़ सकता है, क्योंकि बोतल के अंदर मौजूद उत्पाद की वास्तविक उत्पत्ति और गुणवत्ता की जानकारी स्पष्ट नहीं रहती।
