रायगढ़: जिंदल आदर्श भारती में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव संपन्न, संस्कृति और साहित्य की दिखी अनूठी छटा
रायगढ़। किरोड़ीमल नगर स्थित जिंदल आदर्श ग्राम्य भारती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 15 और 16 अक्टूबर को दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। ‘पन्नों की धरोहर’ और ‘धरोहर’ थीम पर आधारित इस समारोह में विद्यार्थियों ने भारतीय साहित्य, संस्कृति, पारंपरिक त्योहारों और लोक परंपराओं को आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर जीवंत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक विरासत, साहित्य और संस्कारों से जोड़ना रहा।
पहले दिन पुरानी बाल पुस्तकों के किरदारों का मंचन
15 अक्टूबर को आयोजित ‘पन्नों की धरोहर’ कार्यक्रम में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। बच्चों ने लोटपोट, चंदा मामा, चंपक और नंदन जैसी लोकप्रिय बाल पत्रिकाओं एवं पुस्तकों के किरदारों को मंच पर प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने पुरानी बाल पुस्तकों की दुनिया को जीवंत किया। कार्यक्रम ने साहित्य और पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करने के साथ बच्चों की रचनात्मकता और मंचीय प्रतिभा को भी सामने रखा।
दूसरे दिन भारतीय संस्कृति और त्योहारों की दिखी झलक
16 अक्टूबर को ‘धरोहर’ थीम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भारतीय सभ्यता, पारंपरिक पर्व-त्योहारों और लोक परंपराओं को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया। कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से परिचित कराने और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओ.पी. जिंदल स्कूल के प्राचार्य एवं ‘जिंदल ग्रुप ऑफ स्कूल्स’ के डीन आर.के. त्रिवेदी रहे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने और उसे प्राप्त करने के लिए समर्पण के साथ मेहनत करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य तय करना चाहिए तथा उसे हासिल करने के लिए शिक्षकों और माता-पिता का मार्गदर्शन लेना चाहिए। इस दौरान उन्होंने एकाग्रता बढ़ाने का सरल तरीका भी बताया।
पुस्तकों के नियमित अध्ययन पर दिया जोर
आदर्श भारती शिक्षण समिति के चेयरमैन विजय कुमार अग्रवाल ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को नियमित रूप से साहित्य एवं पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत से ज्ञान और स्मरण क्षमता के विकास में मदद मिलती है। डिजिटल युग में पुस्तकों से जुड़ाव बनाए रखना आवश्यक है।
विद्यालय की उपलब्धियों का प्रस्तुत किया गया प्रतिवेदन
विद्यालय की सीबीएसई माध्यम की प्राचार्या प्रियंका जैन ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसमें पिछले शैक्षणिक सत्र की प्रमुख उपलब्धियों, शैक्षणिक प्रगति और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना और उसके श्रेष्ठ मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
वार्षिकोत्सव के दौरान शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को एकेडमिक अवॉर्ड प्रदान किए गए। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में आदर्श भारती शिक्षण समिति के उपाध्यक्ष भरोस राम पटेल, प्रबंध निदेशक एवं कोषाध्यक्ष प्रणय कुमार अग्रवाल, सचिव अनुज राम सिदार, सह-सचिव दिनेश कुमार उरांव, समिति की सदस्य मंजू अग्रवाल और आयुषी अग्रवाल सहित विद्यालय के विभिन्न माध्यमों के प्राचार्य, उप-प्राचार्य, शिक्षक और समन्वयक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में हायर सेकेंडरी विंग की समन्वयक रिमझिम सिंह ने अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
