भारत-चीन सीमा पर बढ़ा तनाव! अरुणाचल में कई जगह आमने-सामने भारतीय और चीनी सैनिक, ITBP के शौर्य कमांडो तैयार
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026। भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव की स्थिति सामने आई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने बताया कि हाल के दिनों में अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर यह स्थिति अब भी बनी हुई है। इस दौरान ITBP की विशेष लड़ाकू टीमों ‘शौर्य कमांडो’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ITBP प्रमुख ने क्या कहा?
ITBP महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने 22 अक्टूबर को बल के स्थापना दिवस से पहले आयोजित हिमवीर सम्मान समारोह में जवानों को संबोधित करते हुए अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर बनी परिस्थितियों का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कई स्थानों पर आमने-सामने की स्थिति बनी और कुछ जगहों पर यह स्थिति जारी है। उन्होंने शौर्य कमांडो टीमों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इन जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी क्षमता का परिचय दिया है।
हालांकि, अधिकारियों ने इन घटनाओं के सभी स्थानों और परिस्थितियों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है।
हर बटालियन में तैनात होंगे शौर्य कमांडो
ITBP प्रमुख के मुताबिक, सीमा पर कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष कमांडो क्षमता विकसित की जा रही है। बल की प्रत्येक सीमा सुरक्षा बटालियन में एक शौर्य कमांडो टीम बनाई गई है। इसके अलावा, अतिरिक्त टीमों के गठन पर भी काम चल रहा है।
योजना के तहत इन टीमों की क्षमता बढ़ाकर प्रत्येक बटालियन में एक पूर्ण कमांडो कंपनी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, विशेष अभियानों के लिए एक अलग कमांडो बटालियन गठित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
इन कमांडो को ऊंचाई वाले दुर्गम पहाड़ी इलाकों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक पर बढ़ेगा जोर
सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ITBP आधुनिक तकनीक पर भी ध्यान दे रही है। महानिदेशक ने कहा कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की भूमिका तेजी से बढ़ी है। ऐसे में सीमा पर तैनात जवानों को नई तकनीक से लैस करना जरूरी है।
ITBP ने अपनी सीमा सुरक्षा बटालियनों में ड्रोन प्लाटून तैयार की हैं। इसके साथ ही ड्रोन पायलटों को प्रशिक्षित करने और अपने स्तर पर ड्रोन बनाने की क्षमता विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बल की आधुनिकीकरण योजना में ड्रोन और एंटी-ड्रोन प्रणालियों के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। हथियारों, वाहनों और अन्य सुरक्षा उपकरणों को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सीमा पर भूमिगत सुरक्षा ढांचा विकसित करने की तैयारी
ITBP सीमावर्ती चौकियों पर जवानों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए भूमिगत संरचनाएं बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसका उद्देश्य संभावित संघर्ष की स्थिति में जवानों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा, दुर्गम इलाकों में आवाजाही के लिए विशेष वाहनों और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले वाहनों की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
भारत-चीन के बीच सैन्य स्तर पर हुई थी बातचीत
अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव की खबरों के बीच भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच 6 सितंबर 2026 को वाचा-दमाई सीमा बैठक स्थल पर कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। इसका उद्देश्य सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और स्थिति को नियंत्रित रखने के प्रयास करना था।
23 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी सीमा की स्थिति पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब चीनी सेना निर्धारित गश्त के तौर-तरीकों से अलग गतिविधियां करती है, तो सीमा पर स्थिति समय-समय पर प्रभावित होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी से बचने के लिए मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य तंत्र के माध्यम से संपर्क बनाए हुए हैं।
सीमा पर निगरानी और तैयारियों पर जोर
अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के आमने-सामने आने की घटनाओं के बीच ITBP अपनी परिचालन क्षमता, आधुनिक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण को मजबूत करने पर काम कर रही है।
फिलहाल, सीमा पर हुई घटनाओं के विस्तृत ब्योरे और उनके समाधान को लेकर आधिकारिक जानकारी सीमित है। दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक बातचीत जारी रहने के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
